आगरालीक्स …चाय बेचने से लेकर राज्यसभा तक पहुंचने वाले नवीन जैन 44 साल में एक भी चुनाव नहीं हारे, समीकरण ऐसे बनते गए, बिजनेस के साथ ही राजनीति में सफलता मिलती गई, जानें राज्यसभा के लिए चुने गए आगरा के पूर्व मेयर नवीन जैन के बारे में।
राज्यसभा सांसद, पूर्व मेयर नवीन जैन चार भाई हैं, जब वे 12 साल के थे तब उनके पिता का स्वर्गवास हो गया था। उनके ताऊजी ने मदद की। एलआईसी बिल्डिंग जीवनीमंडी में कैंटीन खोली, कैंटीन में चाय के साथ कचौड़ी और मिठाई बेचना शुरू किया, एक साल तक उन्होंने कैंटीन चलाई। इसी बीच वे 1980 में भाजपा के वार्ड अध्यक्ष बन गए, नौ साल बाद 1989 में पार्षद का चुनाव जीता, इसके साथ ही ठेकेदारी भी शुरू कर दी।
1989 में सड़क बनाने का काम शुरू किया
राज्यसभा सांसद ने 1989 में सड़क बनाने का ठेका लेना शुरू किया और पहला काम एक करोड़ रुपये का मिला। पीएनसी कंपनी बनाई और बिजनेस को आगे बढ़ाते गए, पीएनसी का टर्नओवर बढ़ता गया, हाईवे, टोल प्लाजा के साथ ही रनवे के ठेके लेने शुरू कर दिए। इस दौरान राजनीति में भी सक्रियता बनाए रखी।
2017 में मेयर पद पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की
नगर निगम के चुनाव में 2017 में नवीन जैन को भाजपा ने मेयर प्रत्याशी घोषित किया, रिकॉर्ड जीत दर्ज करने के साथ ही आल इंडिया मेयर काउंसिल के अध्यक्ष बन गए, इस दौरान पीएनसी कंपनी के काम में और तेजी आती गई। अपने राजनैतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच भाजपा ने उन्हें अल्पसंख्यक कोटे से राज्यसभा के चुनाव के लिए चुन लिया।
हर चुनाव जीता
राज्यसभा चुनाव जीतने के साथ ही नवीन जैन ने राजनैतिक करियर में 44 साल में एक भी चुनाव नहीं हारा है, हालांकि उन्होंने तीन चुनाव ही लड़े हैं। पार्षद, मेयर और अब राज्यसभा का चुनाव।