आगरालीक्स आगरा के आरबीएस डिग्री कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारियों ने की हड़ताल, वायरल वीडियो के बाद चीफ प्रोक्टर और दो कर्मचारियों पर केस दर्ज कर हवालात में बंद करने से आक्रोश। पुलिस अधिकारियों के साथ कॉलेज प्रशासन वार्ता कर मामला शांत कराने में जुटा।
आरबीएस कॉलेज का गुरुवार को एक वीडियो वायरल हुआ, इसमें चीफ प्रोक्टर डॉ. संजीव पाल सिंह ई रिक्शा चालक को डंडा मार रहे हैं और दो कर्मचारी उनका साथ दे रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया, केस दर्ज कर हवालात में डाल दिया। कुछ देर बाद थाने से जमानत मिल गई। इससे आक्रोशित शिक्षक और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है।
प्रवेश के लिए पहुंचे छात्र लौटे
कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में प्रवेश रोक दी गई, कॉलेज पहुंचे छात्रों को लौटना पड़ा। वहीं,
आबीएस कॉलेज शिक्षक संघ के महामंत्री प्रो. युवराज सिंह ने कहा कि महाविद्यालय आन्तरिक मामलों में अनाधिकृत हस्तक्षेप ही नहीं करन महाविद्यालय की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। कॉलेज में चीफ प्रॉक्टर पर बड़ी जिम्मेदारी है। घटना पर पुलिस के द्वारा एकपक्षीय कार्रवाही की है। चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजीव कुमार के खिलाफ की गयी कार्यवाही के वापस होने तक महाविद्यालय के शिक्षक सभी दायित्वों से विरत रहेंगे। शिक्षक ना तो प्रवेश का कार्य करेंगे और ना ही परीक्षा के साथ-साथ प्रशासन और अब ना ही शिक्षक कॉलेज के अनुशासन को बनाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक प्रतिनिधिमण्डल पुलिस, प्रशासन के मुलाकात भी करेगा।
वहीं कॉलेज शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महासचिव राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि महाविद्यालय परिसर पर हुयी घटना में दो शिक्षणेतर कर्मचारियों संजय और जल सिंह को थाना हरीपर्वत की पुलिस कॉलेज परिसर से उठा कर ले गयी। कर्मचारियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर निजी मुचलके पर छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कर्मचारी प्राचार्य के अधीन एवं उनकी व्यवस्था में कार्य करते हैं। इससे उनका विश्वास टूटा है। कॉलेज परिसर में भी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में कर्मचारी अब कार्य नहीं करेंगे। कर्मचारियों के विरूद्ध दर्ज मुकदमें तत्काल निरस्त नहीं कराये जाते हैं, तो शिक्षणेतर कर्मचारी संघ द्वारा दर्ज मुकदमे निरस्त होने तक महाविद्यालय नहीं खुलने देगा। शिक्षक संगठन और कर्मचारी संघ ने प्राचार्य से मांग करी कि कर्मचारी और शिक्षक के विरूद्ध पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमें को निरस्त कराया जाए। पुलिस द्वारा अनुचित रूप से की गयी कार्यवाही के लिए थाना हरीपर्वत के इंस्पेक्टर के विरूद्ध एक्शन लेने के लिए पुलिस कमिश्नर से वार्ता की जाए। इसके साथ ही उच्च स्तर पर भी शिकायत की जाए।