आगरालीक्स…..आगरा में अभिवादन के लिए राम-राम के प्रचलन ने फिर जोर पकड़ा। राधे-राधे.., नमस्ते के साथ जय रामजी.. के साथ अभिवादन की शुरुआत।
शहरी क्षेत्र में जय श्रीराम, राधे-राधे और नमस्ते ज्यादा
आगरा और ब्रज के शहरी क्षेत्र में अभिवादन के लिए आपस में राधे-राधे का प्रयोग पहले से ज्यादा हो गया है। फोन पर बातचीत में हैलो की जगह अपने परिचितों को राधे-राधे से शुरुआत की जाती है लेकिन राममंदिर के जोर के साथ एक बार भी फिर जय रामजी के साथ अभिवादन ने भी जोर पकड़ लिया है। हालांकि मथुरा में तो राधे-राधे के अलावा जमुना मैया की जय के अभिवादन के अलावा दूसरा शब्द कम इस्तेमाल में लाया जाता है लेकिन अब राम की बयार भी चल रही है।
सरकारी कार्यालयों में राधे-राधे और नमस्ते
सरकारी कार्यालयों में अधिकारी अथवा अपने सीनियर के साथ नमस्ते का प्रचलन काफी समय से चल रहा है, जो अभी बरकरार है। हम उम्र के लोग जरूर एक दूसरे पर मिलने पर जय रामजी… के जरिये अभिभावदन कर लेते हैं। कुछ युवा भी जय श्रीराम का नारा लगाते हैं उसमें अभिवादन कम जोश ज्यादा होता है।
ग्रामीण अंचल में राम-राम सा… ही
ग्रामीण अंचल में राम-राम सा… का प्रचलन पहले की तरह बरकरार है। गांवों में जाने आने अथवा वहां के लोगों द्वारा राम-राम सा… का ही प्रयोग लगातार किया जा रहा, जो लोगों को एक सुखद अनुभूति देता है।
अंतिम यात्रा तो राम के बिना पूरी ही नहीं होती
अंतिम यात्रा को राम के नाम के बिना पूरी नहीं होती है। महिला हो या पुरुष किसी की भी अंतिम यात्रा शुरू होने और श्मशान घाट तक पहुंचने पर राम के नाम ही लेते हुए जाते हैं।