आगरालीक्स.. आगरा में रेशमा ने कहा कि मैं 17 साल की थी, मेरे जीजाजी ने मेरे ऊपर एसिड अटैक किया।
व्यक्ति की खूबसूरती उसका चेहरा नहीं बल्कि दिल होता है। आम लोगों के लिए बेशक यह एक साधारण वाक्य है। लेकिन एसिड अटैक का शिकार लड़कियों के लिए रेशमा कुरैशी के इस एक वाक्य में जिन्दगी की सम्पूर्ण खुशियां सिमटी हुई हैं। 2014 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में एसिड एटैक का शिकार हुई रेशमा का हौंसला आज उन अपराधिक प्रवृति के लोगों के लिए तमाचा हैं, जो एक लड़की की खूबसूरती सिर्फ उसके चेहरे में तलाश करते हैं। आईटीसी मुगल में प्रभात खेतान फाउंडेशन व एहसास वुमैन ऑफ आगरा द्वारा राइट सर्किल विद रेशमा एंड तान्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के बारे में एहसास वुमैन ऑफ आगरा संस्था की श्वेता बंसल व विनती कथूरिया ने जानकारी देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि थीं कमिश्नर की धर्मपत्नी अर्चना कुमार। रेशमा कुरैशी ने आज आगरा शहर की महिलाओं की साथ अपने अनुभवों को सांझा किया। इस मौके पर रेशमा पर किताब लिखने वाली तान्या सिंह भी मौजूद थीं। रेशमा ने उन सभी एसिड अटैक से पीड़ित लड़कियों को संदेश दिया कि अपनी शक्ल को छिपा कर अपराधियों को जीतने मत दो। उनके इस मंसूबे को पूरा मत होने दो कि हमने लड़की कि शक्ल बिगाड़ कर उसकी जिन्दगी खराब कर दी। क्योंकि असली खूबसूरती व्यक्ति का चेहरा नहीं उसका दिल होता है। खुशी से जीओ और आम लड़कियों की तरह आगे बढ़ो। वहीं तान्या ने बताया कि बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2013 से प्रतिवर्ष भारत में लगभग 300 एसिड एटैक के मामले सामने आते हैं। कई मामलों में पीड़िता के मर जाने, कई में समाज के डर और कुछ में पुलिस द्वारा एफआईआर न लिखने के कारण सामने नहीं आ पाते।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मणडलायुक्त की धर्मपत्नी अर्चना कुमार, श्वेता बंसल, विनती कतूरिया, ईटीसी मुगल के जीएम रजत शेट्टी, मनीष बंसल, अशु मित्तल, लवली कथूरिया, सुरुचि शर्मा, पूजा बंसल, अंसा वासन, रासि गर्ग, पुनीता कपूर, मोनिका गोयल, प्रिया अग्रवाल, दिव्या गोयल, पूजा ओबरॉय, रिम्पी जैन आदि मौजूद थे।
मेरे हौसले ने हराया मेरे आरोपियों को
रेशमा कहती हैं, मेरे ऊपर एसिड अटैक करने वाला कोई ओर नहीं बल्कि मेरे जीजाजी थे। मेरी बहन के साथ आए दिन मारपीट होती थी। तंग आकर वह अपने बेटे को लेकर मायके आ गईं। कोर्ट में केस चला। जीजाजी मेरे भतीजे को अपने संग ले गए। जिस दिन कोर्ट मेरी बहन को उसका बेटा सौंपने का फैसला सुनानी वाली थी, जीजाजी ने मेरे ऊपर एसिड एटैक कर दिया। मेरा भतीजा आज भी मेरे जीजाजी के पास है। लेकिन मेरी शक्ल खराब कर मेरी जिन्दगी बिगाड़ने की ख्वाहिश रखने वाले मेरे जीजाजी के मंसूबों को मैंने सफल नहीं होने दिया। शुरु में घर बाहर से निकलना भी मुश्किल होता था। कई बार आत्महत्या के बारे में भी सोचा। लेकिन परिवार के लोगों का सहयोग और मेक लव नॉट स्केयर संस्था की मदद से मैं आज आम लड़कियों की तरह अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ रही हैं।
व्यवसायिक क्षेत्र में नहीं मिलता सहयोग
रेशमा कुरैसी पर बीईंग रेशमा नामक 200 पेज की किताब लिखने वाली व मेक लव नॉट स्केयर संस्था की सीईओ तान्या सिंह कहती हैं, रेशमा को माडलिंग और फैशन से जुड़ी चीजों में रुचि है। यही वदह है कि 2016 में रेशमा ने न्यूयार्क पैशन वीक में हिस्सा लिया। इसके बाद कम्पनियों के ऑफर आए। लेकिन हर कोई रेशमा से मुफ्त में काम कराना चाहता है। अभी हमारे समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव की बहुत आवश्यकता है। जिसके लिए हम काम कर रहे हैं।