आगरालीक्स ….आगरा के कारोबारी प्रखर गर्ग, बिहारी मंदिर कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये देने का हलफनामा दिया, पुलिस रिकॉर्ड में 22 मुकदमे दर्ज। भेजा था जेल, प्रखर गर्ग ने क्या कहा, जानें।
आगरा के द्वारिका पुरम, कमला नगर के रहने वाले कारोबारी प्रखर गर्ग ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया था कि बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए वह 510 करोड़ रुपये देने को तैयार है। इसके बाद से व्यापारी प्रखर गर्ग चर्चा में है। एसएसपी मथुरा ने पुलिस आयुक्त आगरा डॉ. प्रीतिंदर सिंह से प्रखर गर्ग की जानकारी मांगी। इस पर रिकॉर्ड खंगाला गया।
चेक बाउंस के 21 सहित 22 मुकदमे हैं दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया है कि कारोबारी प्रखर गर्ग पर चेक बाउंस और धोखाधड़ी के ही 21 मुकदमे सहित 22 मुकदमे दर्ज हैं। नवंबर 2022 में चेक बाउंस के एक मामले में कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद हरीपर्वत पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। तबीयत खराब होने पर एसएन में भर्ती कराया गया लेकिन तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने डॉक्टरों से जांच कराई, तबीयत खराब होने की बात सही नहीं निकली और जेल भेज दिया था।
आपराधिक रिकॉर्ड का दिया गया ब्योरा
पुलिस आयुक्त ने एसएसपी मथुरा को भेजे पत्र में डीसीआरबी की रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि प्रखर गर्ग पुत्र एससी गर्ग के खिलाफ हरीपर्वत थाने में एक मुकदमा दर्ज है। जबकि 21 अन्य वाद एनआई एक्ट विभिन्न न्यायालयों में विचारधीन हैं, इसमें 14 मामले थाना हरीपर्वत, पांच न्यू आगरा, एकए एक मामला थाना सिकंदरा, कमला नगर और छत्ता थाने में दर्ज है। बाग फरजाना निवासी अधिवक्ता अनुराग गुप्ता, 138 एनआई एक्ट के वादा रजिस्ट्रार आफ कंपनीज कानपुर, सुमन कुमार गुप्ता, टोरंट पावर लिमिटेड, धीरज माहेश्वरी, आभा सिंघल, दिवेश गोयल, जेवी वर्मा, उषा अग्रवाल, संजीव गोयल जीवन दायिनी फार्मेसी।
प्रखर गर्ग बोले, किसी के पैसे नहीं मारे हैं, ब्याज दे रहा हूं
मीडिया से प्रखर गर्ग का कहना है कि किसी के रुपये नहीं मारे हैं, व्यापार में उतार चढ़ाव आता रहता है, कोरोना काल में कारोबार की गति धीमी पड़ी थी, जिनका भी देना है देने को तैयार हैं, उनके पास प्रोपर्टी है। रुपये के एवज में लोगों को प्रोपर्टी देने को तैयार हैं लोग उन्हें नहीं लेना चाहते। बैनामा का पौस नहीं देना चाहते हैं, जिन्होंने भी उनके खिलाफ एनआई एक्ट के मुकदमे दिए हैं, वे पिरचित हैं, उनको सालों से ब्याज दी है।