प्रयागराजलीक्स ….महाकुंभ शुरू होने से पहले आगरा के कारोबारी की 13 साल की बेटी को साध्वी बनाने जा रहे महंत कौशल गिरि सात साल के लिए निष्कासित, रमता पंच ने लिया फैसला। ( Agra’s Businessman 13 year old Rakhi return to home, Juna Akhada Mahant Kaushal Giri expelled for 7 year#Agra )
आगरा के फतेहाबाद रोड के डौकी में रहने वाले संदीप सिंह पेठा कारोबारी हैं,परिवार में पत्नी रीमा और बड़ी बेटी 13 साल की राखी और छोटी बेटी निक्की हैं। राखी स्प्रिंग फील्ड इंटर कालेज में कक्षा नौ की छात्रा है। संदीप अपने परिवार के साथ 26 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के लिए गए हैं, उन्होंने वहां अपनी बेटी राखी को गंगा स्नान करने के बाद जूना अखाड़े के संत कौशल गिरि को दान कर दिया। संत कौशल गिरि ने मंत्रोचार के साथ राखी का प्रवेश कराया और गौरी नाम रखा है। 19 जनवरी को पिंडदान होना था, इसके बाद से गौरी अपने परिवार से अलग हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद लिया निर्णय
इधर, नाबालिग को साध्वी बनाने की सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई। राखी जूना अखाड़ा में साध्वी की वेशभूषा में रह रही थी, कहा जा रहा था कि दीक्षा दिलाने के बाद महाकुंभ में धर्मध्वजा पर संस्कार कराया जाएगा, इसके बाद परंपरा के अनुसार , बालिका का जीते जी पिंडदान कराने की घोषिता की गई।
रमता पंच की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया निर्णय
सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद महाकुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर 20 स्थित आखाड़ा नगर में जूना अखाड़े की रमता पंच की बैठक बुलाई गई। संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि, सभापति प्रेम गिरि सहित प्रमुख प्रदाधिकारी शामिल हुए। नाबालिग लड़की को बिना अखाड़े सूचित किए कौशल गिरि द्वारा दान में लेने पर संतों ने रोष जताया, कहा कि अखाड़े की परंपरा है कि 22 साल से कम के किसी को भी शामिल नहीं किया जा सकता है। श्रीमहंत नारायण गिरि ने मीडिया को बताया कि आमसभा में कौशल गिरि को सात साल के लिए अखाड़े से बाहर कर दिया है और 13 साल की बेटी को उसके माता पिता को सौंप दिया है।
गोकुल आई राखी
माता पिता को राखी को सौंपने के बाद वे गोकुल आ गए हैं। यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।