आगरालीक्स.. आज बचपन सुरक्षित नहीं है, घर से लेकर बाहर बच्चों के साथ बैड टच और यौन शोषण हो रहा है, ऐसे में आगरा पहुंची कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की भारत यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की कन्याकुमारी से दिल्ली तक की सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत यात्रा में शामिल 150 सदस्यीय दल का मंगलवार सुबह सिकंदरा स्थित रेनबो हॉस्पिटल में स्वागत हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा और रेनबो आईवीएफ की निदेशक व फोग्सी की प्रेसीडेंट इलेक्ट डा. जयदीप मल्होत्रा ने किया। यात्रा की प्रोजेक्ट को-आॅर्डिनेटर देव्यांशी पांडे ने बताया कि सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत यात्रा एक सामाजिक आंदोलन यात्रा नहीं है यह एक युद्ध है और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व में हम सब यह युद्ध लड़ रहे हैं। बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन उत्पीड़न के खिलाफ, जिस पर चर्चा सबसे कम होती है। यह यात्रा बच्चों को सुरक्षित करने की मुहिम के तहत सुरक्षित बचपन सुरक्षित भारत की नींव से संकल्पित है। आगरा में यात्रा संयोजक श्री निरोती लाल बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष रवि कश्यप ने बताया कि सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भारत यात्रा 22 राज्यों का 11 हजार किलोमीटर का सफर तय करके सोमवार शाम आगरा पहुंची है। आज यह आगरा में बाल यौन शोषण, बाल अपराध, बाल दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना संदेश दे रही है, जिसका व्यापक स्तर पर असर होने की उम्मीद है।
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रेनबो हॉस्पिटल से सुबह 10 बजे यात्रा रवाना हुई और 10.15 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंची। यहां सद्भागवान ग्रुप में गुरुद्वारा गुरु का ताल के प्रमुख बाबा प्रीतम सिंह, मन:कामेश्वर मंदिर के महंत योगेशपुरी, मौलाना रियासत अली, मौलाना अरवेज आलम, भंते ज्ञान रत्न, फादर मून ने समाज को बाल यौन शोषण, बाल अपराध, बाल दुर्व्यवहार रोकने की शपथ दिलाई। इसके बाद नुक्कड़ नाटक और सभा के जरिए बाल यौन शोषण, बाल अपराध, बाल मजदूरी रोकने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान के निदेशक दिवाकर खरे, बाल श्रम परियोजना की फील्ड आॅफिसर सोमा जैन, डा निहारिका मल्होत्रा, यात्रा को- कार्डिनेटर सपूर्णा, नरेश पारस, राकेश आहूजा, लवकेध गौतम, सुनील जैन, केशवेंद्र सिसौदिया, दीपक, नवनीत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विवि के कम्युनिटी रेडियो के सदस्य, एमएसडब्ल्यू टीम के सदस्य आदि मौजूद थे। यात्रा शाम चार बजे जयपुर के लिए रवाना हुई। यह 11 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और 16 अक्टूबर को दिल्ली में राष्टÑपति भवन पहुंचकर संपन्न होगी।