
इंटरनेट फोटो
एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार विभिन्न धार्मिक पर्वों बुद्ध पूर्णिमा, शब-ए-बरात, जमात-उल-विदा (अलविदा) रमजान, ईद-उल-फितर, उ0प्र0 लोक सेवा आयोग तथा क्षेत्रीय परीक्षाओं एवं अन्य परिस्थितियों के दृष्टिगत शान्ति व्यवस्था स्थापित रखने के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है जो कि 14 जुलाई तक लागू रहेगी। सीआरपीसी की धारा-144 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थलों पर किसी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, झांकी अथवा जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे। महानगर आगरा के लिये अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट एवं समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट अनुमति देने के लिये सक्षम होगें।
एमजी रोड पर बारात, जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक
आगरा महानगर के व्यस्ततम मार्ग यथा सम्पूर्ण महात्मा गॉधी मार्ग एवं ताज व्यू होटल से मुगल होटल तक बरातों के जुलूस जन सुविधा के दृष्टिगत नहीं निकाले जायेंगे। कोई भी व्यक्ति आगरा जनपद में किसी सार्वजनिक स्थान पर लाउडस्पीकर, लाउडस्पीकरों की साउण्ड प्रतियोगिता एवं ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का बिना क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की अनुमति के प्रयोग नहीं करेगा। शादी विवाह अथवा किसी अन्य कार्यक्रम में कोई शस्त्र का प्रदर्शन नहीं करेगा और न ही हर्ष फायर करेगा।
परीक्षा केंद्रों के पास नहीं लगेगी भीड
परीक्षा केन्द्रों के संचालन करने अथवा परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण करने हेतु अधिकृत व्यक्तियों अथवा परीक्षा संचालन हेतु ड्यूटी पर तैनात व्यक्तियों के अलावा कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्र से 200 मीटर की परिधि में नहीं जायेगा तथा आस-पास फोटो स्टेट की दुकानें बन्द रहेंगी। आवागमन सुचारू रखने हेतु कोई भी दुकानदार अपनी दुकान के सामने सामान नहीं रखेगा और न ही कोई ठेला अथवा फड़ लगवायेगा।
क्या है धारा-144
सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा-144 शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है. इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है. और जिस जगह भी यह धारा लगाई जाती है, वहां चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं. इस धारा को लागू किए जाने के बाद उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है.
क्या है सजा का प्रावधान
धारा-144 का उल्लंघन करने वाले या इस धारा का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है. उस व्यक्ति की गिरफ्तारी धारा-107 या फिर धारा-151 के तहत की जा सकती है. इस धारा का उल्लंघन करने वाले या पालन नहीं करने के आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है. वैसे यह एक जमानती अपराध है, इसमें जमानत हो जाती है.
Leave a comment