आगरालीक्स… आगरा की पॉश कॉलोनी भरतपुर हाउस में कारोबारी राजकुमार लालवानी की गोली मारकर हत्या जुड़े चौथ वसूली केस में आरोपी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा समेत चार ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सोमवार दोपहर 12:30 बजे उसे सरेंडर कर दिया। उसके साथ अशोक कुमार वर्मा, अजय जैन और अनिल शर्मा ने भी समर्पण किया।
आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता प्रवीन श्रीवास्तव, नाहर सिंह तोमर और अशोक गौतम ने कहा कि सह अभियुक्त संजीव रस्तोगी की जमानत मंजूर हो चुकी है, इसलिए इन चारों को भी जमानत दी जाए। उधर सुंदर लालवानी ने आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने याचना खारिज कर दी। आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के मुचलकों पर जमानत दे दी गई। चारों आरोपियों को जमानत मिल गई है।
आगरा में 20 जून की दोपहर 12:30 बजे थाना हरीपर्वत क्षेत्र स्थित भरतपुर हाउस कॉलोनी में जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की कोठी में गोलीकांड हुआ था। कुल चार गोलियां चली थीं। दो गोलियां संजीव की पीठ में लगी थीं। एक गोली राजकुमार के सिर में। एक गोली कहीं और जाकर लगी। आरोप है कि राजकुमार को संजीव ने गोली मारी थी। इस मामले में राजकुमार की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
डिब्बा कारोबार से लग्जरी जिंदगी जी रहा गागा

पीडित कारोबारी आने लगे सामने
गागा और डिब्बा कारोबार के पीडित कारोबारी सामने आने लगे हैं। गागा और उसके गुर्गे बडे कारोबारियों को जाल में फंसाते थे। उन्हें गागा की पार्टी में ले जाते थे, वहां विदेशी बालाखों के ठुमकों के बीच दारू पार्टी कराते थे। इसके बाद डिब्बा कारोबार में चंद मिनटों में लाखों से करोडों रुपये की जीत का नजारा दिखाते थे। कारोबारियों से कहा जाता था कि एक बार पैसा लगाओ जीत तुम्मारी और हार हमारी। कारोबारी के जाल में फंसने पर पहले कुछ महीनो उसे कमाई कराई जाती थी, इसके बाद वह कुछ ही दिनों में हार के बाद करोडों का कर्जदार बन जाता था। उस पर एक ही विकल्प रहता था कि अपनी प्रोपर्टी बेचे और गागा भाई के इशारों पर नाचे।
हत्याकांड की साजिश में शामिल गागा
गोलीकांड में सीधे तौर पर उसकी भूमिका नहीं बताई गई है लेकिन उस पर साजिश में शामिल होने का शक जाहिर किया गया है। उसका नाम राजकुमार लालवानी की हत्या की एफआईआर में भी है।
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