आगरालीक्स… आगरा में छह मकानों के ढहने से चार साल की मासूम की मौत पर बिल्डर हरेश और ट्रस्ट के अध्यक्ष राजू मेहरा पर मुकदमा दर्ज होने के बाद एडीए के अधिकारी फंसे, पुराना नोटिस उसी नाम के व्यक्ति को देकर चले गए।

आगरा के सिटी स्टेशन रोड पर विशंभर दयाल की धर्मशाला के बेसमेंट की खोदाई का काम चल रहा था। धर्मशाला के बगल से ही 100 साल पुराने मकान हैं, मकान भी दो से तीन मंजिल के हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मशाला में बेसमेंट की खोदाई के कारण मकानों में दरार आ गई थी लोग मकान खाली करने की तैयारी में जुटे थे। इसी बीच गुरुवार सुबह एक साथ छह मकान ढह गए, इसमें मुकेश शर्मा का परिवार मलबे में दब गया। हादसे में मुकेश शर्मा की नातिन चार साल की रूशाली की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
फंस गए एडीए के कर्मचारी
धर्मशाला के बेसमेंट की खोदाई एडीए की अनुमति के बिना की जा रही थी, यह मामला सामने आते ही गुरुवार शाम को एडीए के जेई राजू मेहरा निवासी फुलटटी के घर पहुंचे, राजू मेहरा का कहना है कि उनके पास एडीए के जेई का फोन आया। कहा कि हम घर पर हैं घर आ जाओ। वे घर पहुंच गए, उन्हें जेई ने दो नोटिस दिए। नोटिस पर नाम राजू मेहरा लिखा था लेकिन पता अलग था उन्होंने जेई से कहा कि यह नोटिस किसी और राजू मेहरा के नाम से जारी हुआ है, वे नोटिस वापस करते तब तक जेई वहां से चला गया।
ये जारी किया नोटिस
एडीए के नोटिस पर तारीख 23 जनवरी लिखी है, राजू मेहरा व गौतम मेहरा निवासी छिली ईंट रोड लिखा है। इसमें लिखा है कि स्थल पर एक हजार वर्ग गज की पूर्व निर्मित धर्मशाला को गिराकर बेसमेंट खोदाई का काम चल रहा है, इसकी स्वीक्रति नहीं ली गई है, काम बंद किया जाए। पालन न करने पर 1250 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने की बात कही गई। इसके साथ ही एक और नोटिस जारी किया गया है। इसमें इस नोटिस में राजू मेहरा व गौतम मेहरा को बेसमेंट खुदाई की स्वीकृति न दिखाने पर एडीए कार्यालय में 3 फरवरी को तलब किया गया है।
मुकदमा हुआ दर्ज
मकान ढहने से चार साल की मासूम की मौत के मामले में मुकेश शर्मा की तहरीर पर थाना कोतवाली में धर्मशाला में निर्माण कराने वाले हरेश और धर्मशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष राजू मेहरा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लोक व्यवस्था भंग करने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एडीए वीसी का यह है कहना
इस मामले में एडीए वीसी चर्चित गौड़ का मीडिया से कहना है कि प्रवर्तन विभाग के अधिकारियों की कमी सामने आ रही है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।