आगरालीक्स.. सोनभद्र प्रकरण के पीडित कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिले, वे रोने लगीं, अंधेरे में रात गुजारी, कहा खाना नहीं खाउंगी, हिलुंगी नहीं, पढे क्या है पूरा मामला।
वाराणसी मंडल के सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर सालों से आदिवासियों का कब्जा था, 16 जुलाई को दबंग ग्राम प्रधान अपने साथ बंदूकधारियों को लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंचा। ताबडतोड गोलियां चलाईं, इससे 10 की मौत हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 50 को अरेस्ट कर लिया गया है।
बिना बिजली के गेस्ट हाउस में प्रिंयका गांधी ने गुजारी रात
शुक्रवार को पीडितों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी को पुलिस ने मिर्जापुर में रोक लगी, उन्हें गेस्ट हाउस ले गए, वहां बिजली नहीं थी।
भावुक हुईं प्रियंका गांधी
शनिवार दोपहर में पीडित परिजन प्रियंका गांधी से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे, उन्हें भी रोक दिया गया, प्रियंका गांधी ने कहा कि जब तक पीडितों से मिलने नहीं दिया जाएगा, खाना नहीं खाउंगी, हिलुंगी नहीं, इसके बाद पीडित परिजनों से मिलने दिया गया। महिलाएं रोने लगीं, प्रियंका गांधी भी भावुक हो गईं।
यह है मामला
मिर्जापुर के कलेक्टर रहे एक आईएएस अफसर ने 90 बीघा जमीन खरीदी, इस पर आदिवासियों का कब्जा था, इस मामले में साल 1955 से आदिवासी मुकदमा लड रहे हैं। उनका तर्क है कि जमीन राजा बड़हर की थी और बाद में वह ग्राम सभा की हो गई। इस पर आदिवासी रह रहे थे, साजिश के तहत उनकी जमीन भू माफिया के हवाले कर दी।