मथुरालीक्स…बांकेबिहारी मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार. कहा—आप कैसे निजी पक्षों के बीच चल रहे मुकदमे को हाईजैक कर सकते हैं…
श्री बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहे मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई और निजी मुकदमे को हाईजैक करने पर नाराजगी भी जाहिर की. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र र्शा की पीट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकारते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार पक्षों के बीच निजी विवाद में हस्तक्षेप करेगी तो इससे कानून का शासन ध्वस्त हो जाएगा. पीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या राज्य कार्यवाही में पक्षकार था, किस हैसियत से राज्य ने विवाद में हस्तक्षेप किया.सुप्रीम कोर्ट की पीठ मथुरा में श्री बांकेबिहारी मंदिर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को मंजूरी देने वाले अपने आदेश में संशोाध्न की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह याचिका देवेंद्र नाथ गोस्वामी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दायर की. जिसमें कपिल सिब्बल ने दलील दी कि हमें पक्षकार बनाए बिना ही यूपी सरकार को 300 करोड़ रुपये की धनराशि दे दी गई. उनहोंने कहा कि आप एक अन्य याचिका में आदेश देकर कैसे निर्देश दे सकते हैं कि एक निजी मंदिर की कमाई राज्य को सौंप दी जाए.
इस संबंध में यूपी सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि राज्य ने बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन और प्रस्तावित गलियारे के कार्य की देखरेख के लिए एक ट्रस्ट बनाया है. इसके अनुसार संपूर्ण धनराशि सरकार के पास न होकर ट्रस्ट के पास रहेगी. पीठ ने राज्य सरकार की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि मंदिर में धन का उपयोग केवल मंदिर के आसपास 5 एकड़ भूमि खरीदने तथा एक होल्डिंग क्षेत्र बनाने के लिए किया जाए. बता दें कि 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने श्रद्धालुओं के लाभ के लिए मंदिर गलियारे को विकसित करने की राज्य सरकार की योजना को मंजूरी दी थी.