आगरालीक्स…नई सोच और नई शुरुआत के साथ स्कूल पहुंचे बच्चे. टीचर्स ने भी दिखाया उत्साह. प्रिल्यूड में मनाई गई खुशी
प्रिल्यूड में स्वागत समारोह हुआ
समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को सफल बना देता है।
इस कहावत को समझने का सही वक्त लॉकडाउन था। कोविड महामारी को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार ने हमारे देश के भावी कर्णधारों (छात्रों) को सुरक्षित रखने हेतु विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया। ग्यारह माह के बाद विद्यालय खुलने का आदेश ज़ारी होने पर प्राथमिक कक्षाओं के छात्र प्रसन्न हो गए। लंबे इंतज़ार के बाद आज दिनांक 2 मार्च को एक नई शुरुआत के लिए नई सोच के साथ गुलाबी-गुलाबी ठंडी हवा के बीच प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अपने अभिन्न अंग (छात्रों) के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

राष्ट्रगान व ईश वंदना के साथ हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान व ईश वंदना के साथ हुआ। छात्रों के साथ-साथ शिक्षक और अभिभावकों ने स्वागत समारोह में नृत्य एवं संगीत प्रस्तुत कर अपनी खुशी का इज़हार किया। एक अनोखे सेल्फी बूथ पर लंबे अंतराल के बाद सभी छात्रों ने अपने पहले दिन की तस्वीरों को संजोए रखने के मज़ेदार और विचित्र अनुभव का आनंद लिया। छात्रों ने लॉकडाउन में बिताए पलों को भी साझा किया। अभिभावकों ने ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली तथा विद्यालय द्वारा समय-समय पर किए गए आयोजनों को लॉकडाउन में अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानने का अनोखा अवसर बताया। कक्षा तीन की छात्रा रिशा की मम्मी ने कोरोना काल में अपनी बेटी की तबियत खराब होने पर विद्यालय परिवार के साथ होने की सराहनीय प्रशंसा की।

छात्र ही विद्यालय के प्राण: डॉ. सुशील गुप्ता
समारोह के अंत में विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता जी अभिभावकों को अपने बच्चों को विश्वास के साथ उड़ान भरने के लिए प्रेरित करने को कहा। विद्यालय को बिना छात्रों के एक इमारत बताते हुए उन्होंने कहा कि छात्र ही विद्यालय के प्राण होते हैं, इनके बिना इमारत बेजान लगती थी। विद्यालय खुलने के बाद सभी को मास्क लगाकर व एक-दूसरे से दूरी बनाए रखते हुए सैनिटाइज़र का प्रयोग करना अति आवश्यक बताया। सभी छात्रों एवं अभिभावकों के विचार सुनकर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती याचना चावला जी ने भाव-विभोर होकर बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान छात्रों के शोर को न सुन पाने की कमी महसूस की एवं अभिभावकों को अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति की अच्छी बातों को सिखाने के लिए प्रेरित किया। समारोह का समापन पुरस्कार वितरण एवं स्वल्पाहार के साथ हुआ।