आगरालीक्स… सोशल मीडिया फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने 2018 के लिए नफरत और दुव्र्यवहार को रोकने की चुनौती स्वीकार की है, कहा है कि हम इसे पूरी तरह से रोक नहीं सकते हैं। लेकिन हम अभी नीतियों को लागू करने और अपने टूल फेसबुक के मिसयूज को रोकने में गलतियां कर रहे हैं। इस साल हम कामयाब होते हैं तो 2018 एक बेहतरीन साल होगा।
हर साल मेरे के लिए एक चुनौती
मार्क जुकरबर्ग ने 4 जनवरी को अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि मैं हर साल कुछ नया सीखने की व्यक्तिगत चुनौती स्वीकार करता हूं, मैं अमेरिका के सभी राज्यों में करीब 365 माइल्स घूम चुका हूं। अपने घर के लिए एआई बनाया, 25 किताबें पढ चुका हूं और मेडरिन भाषा भी सीख रहा हूं।
2009 की तरह 2018 की समस्या
2009 फेसबुक का पहला साल था में अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही थी, फेसबुक से कमाई नहीं हो रही थी, उस समय यह सोचा कि फेसबुक स्थायी व्यवसाय मॉडल है, वह साल हर अहम था। आज नौ साल बाद 2018 में बहुत कुछ पहले साल की तरह से ही लग रहा है।
दुनिया चिंतित है और बंट रही है, इसमें सुधार के लिए फेसबुक को बहुत काम करना है। चाहे अपने समाज को दुव्र्यवहार और नफरत से बचाना हो और फेसबुक पर जो भी समय बिता रहे हैं वह अच्छा गुजरे। इस सभी के लिए अलग हट कर काम करना होगा, इसके लिए अलग अलग ग्रुप और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर इन मुददों पर चर्चा करनी होगी, जिससे इन ज्वलंत समस्याओं का समाधान हो सके।
टेक्नोलॉजी का हो केंद्रीकरण
एक उदाहरण के तौर पर टेक्नोलॉजी का केंद्रीकरण होना चाहिए या विकेंद्रीकरण, हम में से बहुतों का मानना है कि टेक्नोलॉजी का विकेंद्रीकरण होना चाहिए, इससे व्यक्ति के हाथ में ज्यादा पावर होती है, पफेसबुक का मिशन भी यही है गिव पीपुल द पावर, आज के दौर में, छोटी टेक कंपनियों अस्तित्व में आ चुकी हैं, सरकारी कार्यालय में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। अधिकांश लोगों का मानना है कि टेक्नोलॉजी का केंद्रीकरण होना चाहिए ना कि विकेंद्रीकरण।
4 जनवरी की मार्क जुकरबर्ग की फेसबुक पोस्ट