आगरालीक्स…वृंदावन के जगद्गुरु धाम प्रेम भवन में रखा गया डॉ. विशाखा त्रिपाठी का पार्थिव शरीर. 28 नवंबर को होगा अंतिम संस्कार. तब तक श्रद्धालु करेंगे अंतिम दर्शन
जगद्गुरु कृपालु महाराज की बड़ी बेटी और जगद्गुरु कृपालु परिषद की चेयरपर्सन डॉ. विशाखा त्रिपाठी का पार्थिक शरीर सोमवार को वृंदावन आ गया है. उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिक शरीर को जगद्गुरु धाम प्रेम भवन के हॉल में रखा गया है.यहां अनुयायी उनके अंतिम दर्शन करेंगे. 28 नवंबर को वृंदावन के यमुना तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
प्रेम मन्दिर, वृन्दावन, भक्ति मंदिर, मनगढ सहित देश विदेश में जगद्गुरु कृपालु जी महाराज के अनुयायी हैं। उनकी तीन बेटियों में सबसे बड़ी बेटी डॉ. विशाखा त्रिपाठी जगद्गुरु कृपालु परिषद की अध्यक्ष हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. विशाखा त्रिपाठी अपनी दोनों छोटी बहन डॉ. श्यामा त्रिपाठी और डॉ. कृष्णा त्रिपाठी के साथ रविवार सुबह वृन्दावन से एयरपोर्ट के लिए निकली थी। यमुना एक्सप्रेस वे पर जेवर के पास उनकी कार डंपर से टकरा गई। भीषण हादसे के बाद कार से घायलों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में डॉ. विशाखा त्रिपाठी का निधन हो गया।
दोनों बेटियों की भी हालत गंभीर
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल जगदगुरु कृपालु महाराज की बेटियां डॉ. श्यामा त्रिपाटी और डॉ. कृष्णा त्रिपाटी का इलाज अपोलो में चल रहा है। यहां इन दोनों की हालत भी नाजुक बताई जा रही है।
प्रेम मंदिर और कीर्तिमंदिर की अध्यक्ष थीं डॉ.विशाखा त्रिपाठी
वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर और कीर्ति मंदिर के संस्थापक जगदगुरु कृपालु महाराज के वर्ष 2013 में देहावसान के बाद वसीयत के अनुसार उनकी बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी को जगदगुरु कृपालु परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. उनके निर्देशन में ही वृंदावन और मनगढ़ में संचालित धार्मिक कार्यों की देखरेख चल रही थी. विशाखा त्रिपाठी महाराज श्री के साथ लंबे समय से विभिन्न सेवा प्रकल्पों से जुड़ी हुई थीं. खास तौर पर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही थीं. उनहें कई बार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है.