आगरालीक्स… आगरा में महंगाई के चलते थाली से धीरे-धीरे चीजें हो रही कम। टमाटर, अरहर की दाल के बाद अब जीरे का तड़का, लाल मिर्च की कीमतें लगा रही मिर्च। रसोई का बजट गड़बड़
ऊंट नहीं अब आदमी के मुंह में जीरा भी मुश्किल
टमाटर और हरी सब्जियों के साथ अब दाल-सब्जी में जीरे का तड़का भी महंगा हो गया है। दाल में मिर्ची तीखापन दे रही है। कोई कम चीज मिलने के बारे में कहावत है कि ऊंट के मुंह में जीरा लेकिन अब हकीकत में आदमी के मुंह तक जीरा पहुंचना मुश्किल हो गया है। चार-पांच महीने तक 280 से 300 रुपये किलो वाला जीरा अब 700 से 800 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है।
लाल मिर्च साढ़े तीन सौ पार तो अरहर दाल 150 पर

सब्जियों में तीखापन लाने वाली लाल मिर्च 350 किलो हो चुकी है। अरहर की दाल का भाव भी 150 रुपये प्रति किलो जा पहुंचा। भले ही आटा-तेल का भाव नियंत्रण में है फिर भी रसोई का बजट बिगड़ गया है क्योंकि तेल में तलने वाली हर सब्जी और उसमें डलने वाला हर सामान महंगा हो चुका है।
आलू ,लौकी व कद्दू छोड़कर सभी सब्जी महंगी
इस वक्त आलू ,लौकी व कद्दू छोड़कर कोई भी सब्जी 50 रुपये से नीचे नहीं है। यही हाल किराने के सामान में हो रखा है केवल आटा और तेल को छोड़ दिया जाए तो जो भी बाहर से जीरा, मिर्ची, धनिया सहित हर खाद्य सामग्री बाहर से आ रही है, उस पर असर पड़ा है।