आगरालीक्स ..आगरा में इन्टीग्रेटेड टेक्सटाईल एंड ऐपरल पार्क के लिए आगरा के दो बडे ग्रुप ने निवेश के लिए ईओआई सब्मिट किया है.
आगरा के एफमेक के अध्यक्ष पूरन डाबर की कम्पनी और कपड़ा उद्यमी अशोक गोयल ने एक्प्रेशन आफ इन्वेस्टमेंट ईओआई सब्मिट किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 7 जिलों में इन्टीग्रेटेड टैक्सटाईल एवं ऐपरल पार्क बनाने की पहल की है और एक्सप्रेशन आफ इन्वेस्टमेंट आमंत्रित किये हैं। जिसकी ई-निविदा लगाने की आखिरी दिनांक 20.08.2020 थी जिसे प्रदेश सरकार के हैण्डलूम एवं टैक्सटाईल विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया था। आगरा में इन्टीग्रेटेड टेक्सटाईल एंड ऐपरल पार्क स्थापना के लिये निजी क्षेत्र पहली निविदा वर्तमान के सूरत निवासी कपड़ा उद्यमी अशोक गोयल और दूसरी निविदा एफमेक के अध्यक्ष पूरन डाबर की कम्पनी के समूह द्वारा भेजी गई है। ताज ट्रिपेजियम जोन के अन्दर आगरा होने के कारण यहां प्रदूषण को लेकर अनेक प्रतिबन्ध हैं लेकिन गारमेन्ट मैन्युफैक्चरिंग व्हाईट कैटेगरी में है।
इसे लेकर आयोजित वेबिनार में गारमेन्ट एसोसिएशन की ओर से आर0के0 नय्यर व संजीव अग्रवाल, सम्मिलित थे। कन्सलटेंट के रूप में कन्सेप्चुअल क्रिऐशन्स के सी0ई0ओ0 प्रमोद अग्रवाल एवं उनके टीम मैम्बर अनुपम वाजपेयी (चार्टेड इंजीनियर) एवं यश जैन (चार्टेड एकान्टेन्ट) थे। वेबिनार के मोडरेटर थे आगरा डवलपमेन्ट फाउन्डेशन के सचिव के0सी0 जैन।
वेबिनार में सूरत से सम्मिलित हुए कपड़ा उद्यमी अशोक गोयल ने सूरत से आगरा घर वापसी का रास्ता इस उद्योग को बताया और कहा कि मध्यम वर्ग के उद्यमियों के लिये पावर लूम के माध्यम से कपड़ा बनाने की बड़ी संभावनाऐं हैं क्योंकि यह कपड़ा वर्तमान में सूरत से मथुरा के लिये आता है। बड़ी संख्या में सूरत में काम कर रहे लोग आगरा वापिस आना चाहते हैं। अशोक गोयल ने ऐपरल पार्क को अपना 20 साल पुराना सपना बताया। गारमेन्ट इण्डस्ट्री के संजीव अग्रवाल एवं आर0के0 नय्यर द्वारा आगरा में ऐपरल पार्क में उद्यमी आयेंगे इसके लिये आश्वस्त किया गया।
एफमेक के अध्यक्ष पूरन डाबर द्वारा गारमेन्ट इण्डस्ट्री के महत्व को बताते हुए कहा कि दुनियां के जूता इम्पोटर्स गारमेन्ट भी आयात करते हैं। इस लिहाज से आगरा गारमेन्ट निर्यात के लिये आदर्श लोकेशन है। बस जरूरत है इस दिशा में पहल करने की।
नेशनल चैम्बर आफ इण्डस्ट्रिज एण्ड काॅमर्स के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने आगरा में गारमेन्ट हब बनाने के लिये गम्भीर प्रयासों की बात कही और चैम्बर द्वारा पूरा सहयोग देने के लिये आश्वस्त किया। आगरा डवलपमेन्ट फाउन्डेशन के सचिव के0सी0 जैन द्वारा कहा गया कि इन्टीग्रेटेड टैक्सटाईल एवं एपरेल पार्क बनाने के लिए हमें पहल करना जरूरी है अन्यथा हम पार्क बनाने की दिशा में पिछड जायेंगे।

वेबिनार में सभी उपस्थित लोगों ने आगरा की ओर से यह पहल करने की बात रखी जिसका समर्थन कपड़ा उद्यमी साबिया खान, संजय अग्रवाल आदि सभी ने किया। वेबिनार के विचार मंथन का परिणाम था कि वेबिनार में सम्मिलित अशोक गोयल एवं पूरन डाबर को ई-निविदा देने के लिये दबाव डालकर उनको तैयार करना। ई-निविदा में भूमि के लिये सरकार के सहयोग की भी अपेक्षा की गयी है। यूपीसीडा के पास थीम पार्क की 1000 एकड़ भूमि उपलब्ध है जो कि थीम पार्क योजना के लिये अर्जित की गयी थी किन्तु संजय खान के द्वारा रूचि न दिखाये जाने के कारण अब इसका उपयोग औद्योगिक क्लस्टर व गारमेन्ट पार्क के रूप में हो सकता है और उसकी भूमि ई-निविदा दाताओं को पार्क बनाने के लिये शर्तों के साथ दी जा सकती है। अब देखना है कि सरकार भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में इन निविदा दाताओं को क्या सहयोग देती है। आगरा एक ऐपरल पार्क की स्थापना की ओर आशाभरी नजरों से देख रहा है। एम0एस0एम0ई0 राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह अपना पूरा सहयोग देने के लिये तैयार हैं।