आगरालीक्स… आगरा में जुटे पेंट कारोबारियों ने कहा कि कम्पनियों का तिलिस्म और सरकार की नितियां व्यापारियों को भी गर्त में ले जा रहीं हैं। जहां जीएसटी की वजह से पिछले वर्षों में 25-30 फीसदी व्यापार कम हुआ है वहीं कम्पनियों की टारगेट पॉलिसी व्यापारियों के मुनाफे में कटोती कर रही हैं। यदि पेंट व्यापारी इस तिलिस्म से बाहर निकलना चाहते हैं तो न्हें एकजुट होना होगा। और अपनी बात को कम्पनियों व सरकार तक एक साथ मिलकर पहुंचानी होगी।
यह कहना था उप्र पेंट्स व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता का। महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में आयोजित मंडल के 14वें वार्षिक अधिवेशन में उन्होंने व्यापारियों से कहा कि कम्पनियों का प्रमोशन करने के बजाए खुद को ब्रांड बनाइये। अपने प्रतिष्ठानों के बाहर कम्पनियों का लोगो छोटा और अपने नाम को बड़ा रखिए। प्रदेशकोषाध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने इस मौके पर कहा कि कम्पनियां क्रेडिट नोट का फायदा देने के लिए टॉरगेट का दबाव बनाती हैं। टारगेट में कुछ प्रतिशत की कमी रहने पर भी व्यापारी क्रेडिट नोट, एटीआर और स्कीम के फायदों से वंचित रह जाता है। व्यापारी के मुनाफे को कम्पनियां टारगेट से जेड़कर व्यापारियों का शोषण कर रहीं हैं। वहीं कम्पनियों से पूरी कीमत देकर खरीदी गई कलरेंट मशीन (डिसपेंसर) पर प्रतिवर्ष मैंटेनेंस के नाम पर व्यापारियों से 2-10 हजार रुपए तक वसूल लिया जाता है। प्रदेश सचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि सभी बिल्डिंग मटीरियल पर 12-18 प्रतिशत तक जीएसटी है। फिर पेंट पर ही 28 प्रतिशत क्यों। इससे पेंट व्यापार का ग्राफ गिर रहा है। मंडल के सदस्यों ने कार्यक्रम में मौजूद एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1) बुद्धेश मणी को अपनी मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा। बुद्धेशमणी ने कहा कि पेंट व्यवसाय पर वास्तविकता में जीएसटी धिक है। लेकिन सरकार द्वारा लगातार जीएसटी की दरों में कमी की जा रही है। पेंट व्यापारियों की मांग को भी अवश्य सुना जाएगा।
संचालन आगरा को-ऑर्डिनेटर धर्मप्रकाश वर्मा ने व धन्यवाद ज्ञापन मुरारीलाल गोयल ने दिया। अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। मंचासीन अतिथियों में भाजपा प्रदेशउपाध्यक्ष पुरुषोत्म खंडेलवाल, ज्वाइंट कमिश्नर (वाणिज्य) वीपी मिश्र) आदि मौजूद थे।
35 नए पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
आगरा। उप्र पेंट्स व्यापार मंडल का कुनबा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। 2000 सदस्य पंजीकृत हैं। आज 35 नए पदाधिकारियों को प्रदेशाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने शपथ दिलाई। इसमें जिले के चेयरमैन, सिटी को-ऑर्डिनेटर पद के लिए शपथ दिलाई गई। प्रदेश कोषाध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने बताया कि यह आगरा में तीसरा अधिवेशन है। सबसे पहला अधिवेशन 2005 में हुआ था जिसमें मात्र 70 सदस्य थे। दूसरा अधिवेशन 2009 में और अब तीसरा अधिवेशन आगरा में 2018 में हुआ है, जिसमें 6 राज्यों (उप्र, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तरांचल, हरियाणा) के लगभग 2000 प्रितिनिधियों ने भाग लिया है।
प्रदर्शनी में 40 कम्पनियों ने भाग लिया
अधिवेशन में देश की नामचीन 40 पेंट कम्पनियों ने भी हिस्सा लेकर प्रदर्शनी के जरिए इस उद्योग में हो रहे सकारात्मक बदलाव व नए उत्पादों के विषय में जानकारी दी। वुड कोटिंग के लिए जहां ऑयल बेस सोलवेंट की जगह अब वॉटर बेस सोलवेंट जगह बना रहे हैं वहीं रंगों की दुनिया में भी ऑयल बेस कलर का चलन कम हो रहा है। जंग को दीवार साफ करनी हो। इसके लिए रेगमाल को हाथ से रगड़ने की जरूरत नहीं। मशीन में फिक्स होने वाले रेगमाल भी मार्केट में मौजूद हैं।
रंगोत्सव में हास्य रस भी आया नजर
आगरा। उप्र पेन्ट्स व्यापार मंडल के वार्षिक अधिवेशन रंगोत्सव में राष्ट्रीय क्याति प्राप्त कवि पवन आगरी व ममता शर्मा ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हास्य के खूब रस बिखेरे। पवन आगरी ने जहां मोदी के रंग रचना के जरिए राजनीति पर तंज कसा वहीं ममता शर्मा ने नेता गिरा रे बोटों के बाजार में… के माध्यम से वर्तमान में भ्रष्ट राजनाओं की तस्वीर को शब्दों से उकेरा। कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वंदना के साथ हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में घूमर व होली के नृत्य भी प्रस्तुत किए गए।
ये रहे मौजूद
अधिवेशन में मुख्य रूप से आयोजन समिति के अमर सिंह सुराना, दीपक अग्रवाल, सुनील कुमार जैन, धर्मप्रकाश वर्मा, सुभाष चंद अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, नवल कुमार खेतान, नरेश बंसल, मनोज अग्रवाल, यशपाल गोगिया, संदीप गुप्ता, चेतन वर्मा, सुनील कुमार वर्मा, मनीष अग्रवाल, विजय जैन, रिंकेश गोयल, नरेन्द्र वर्मा, प्रवीन मित्तल, कन्हैया लाल दाऊजी, कन्हैया लाल ब्रुश व राजस्थान पेंट व्यापार मंडल के अध्यक्ष मोहनलाल कुबावत, पंजाब के अध्यक्ष सुरेश सुदर्शन, उत्तरांचल अध्यक्ष विजय जैन, हरियाणा के अध्यक्ष सुरेश मित्तल मौजूद थे।