आगरालीक्स… आगरा में इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत पर डॉक्टर के खिलाफ बडी कार्रवाई। डॉक्टर का छह महीने के लिए रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया है, इस दौरान डॉक्टर मरीज नहीं देख सकेगा।
आगरा के कमला नगर में डॉ आशीष गर्ग एमडी यूक्रेन का क्लीनिक है, उनके क्लीनिक पर नरेश गुप्ता अपने पिता को इलाज कराने के लिए अगस्त 2014 में लेकर आए थे। उन्हें बीएम हॉस्पिटल कमला नगर में भर्ती करा दिया गया। डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर और ईसीजी किया, अगले दिन मरीज की मौत हो गई। इस मामले में नरेश गुप्ता ने उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल में शिकायत की।
कमेटी ने डॉक्टर को माना अयोग्य
यूपी मेडिकल काउंसिल की कमेटी ने बीएम हॉस्पिटल कमला नगर के निदेशक डॉ आशीष अग्रवाल और डॉ आशीष गर्ग के बयान दर्ज किए। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार डॉ आशीष अग्रवाल बीएम हॉस्पिटल के निदेशक हैं, उनके मुताबिक, मरीज को अगस्त 2014 में भर्ती किया गया था, ईसीजी किया गया उसे हार्ट अटैक पडा था। मरीज का इलाज डॉ आशीष गर्ग कर रहे थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि डॉ आशीष गर्ग हार्ट अटैक के मरीज का इलाज करने के योग्य नहीं थी, उनके और तीमारदारों के बीच कम्युनिकेशन गैप रहा, हॉस्प्टिल में भर्ती करने के बाद तुरंत इलाज नहीं मिला। इससे उनकी तबीयत बिगडती चली गई और मौत हो गई।
छह महीने के लिए रजिस्ट्रेशन सस्पेंड

यूपीएमसी ने सख्त निर्देश देते हुए डॉ आशीष गर्ग का छह महीने के लिए रजिस्ट्रेशन सस्पेड कर दिया है। सीएमओ डॉ मुकेश वत्स का कहना है कि छह महीने के लिए रजिस्ट्र्रेशन सस्पेंड किया गया है, डॉ आशीष गर्ग मरीज का इलाज नहीं कर सकेंगे। ऐसा करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई से खलबली
इलाज में लापरवाही पर डॉक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई से डॉक्टरों में खलबली मची हुई है, इस तरह की बडी कार्रवाई सालों बाद हुई है।