आगरालीक्स…आगरा के श्रीमनकामेश्वर मंदिर में सावन में सैकड़ों लीटर दूध चढ़ाया रहा है. इस दूध का क्या हो रहा है, जानकर खुश हो जाएंगे…वीडियो भी देखें
वसुधैव कुटुम्बकम् सनातन धर्म का मूल संस्कार तथा विचारधारा हैं। इसका अर्थ है-धरती ही परिवार है। यह वाक्य भारतीय संसद के प्रवेश कक्ष में भी अंकित हैं। श्री मनःकामेश्वर मठ (आगरा) के द्वारा इसी वाक्य को ध्यान में रखते हुए श्रावण मास में हो रहे नियमित रूद्राभिषेकों के माध्यम से बाबा पर चढ़ा हुआ जो दूध प्राप्त होता है, उसको संचित कर गर्म कर 4 संस्थानों पर विकलांग, रोगियों और बच्चों को वितरित किया जा रहा हैं। क़रीब 100 लीटर दूध इन समस्त संस्थानों में वितरित होता हैं। बाबा के रुद्राभिषेक पर एकत्रित होने वाले दूध लगभग 100 लीटर से ऊपर को एकत्रतित करके हर दिन की तरह ‘प्रेमदान आश्रम, कुष्ठ आश्रम और गढ़ी ईश्वरा के बच्चों’ को वितरित हुआ।
प्रेमदान (मदर टेरेसा की मिशनरी आफ चैरिटी) के असहाय रोगियों को जिनमें से कुछ का जीवन तो पलंग पर ही बीत गया।
कुष्ठ आश्रम जहाँ पर रहने वाले वहीं पर रहते है, आम समाज में आजतक नहीं आ सके और हमारे गुरू समाधि स्थान, गढ़ी ईश्वरा के बच्चे जोकि जमकर दूध पीते हैं। इस सेवा कार्य में मठ आभारी है फादर मून का जिन्होंने अवसर दिया कि हम उनके सेवा प्रकल्प में सेवा दे सके।
