आगरालीक्स…(16 November 2021 Agra News) आगरा में घटयात्रा के साथ हुआ पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारम्भ, सिर पर कलश लेकर महिलाओं सहित शामिल हुए सैंकड़ों श्रद्धालु…देखें फोटोज
पंचकल्याणक महोत्सव का शुभारम्भ
सिर्फ पंचकल्याणक में शामिल होने से काम नहीं चलेगा, उसकी क्रियाओं को अपनाएं भी। पंचकल्याण का लाभ जीवन को संयमित रखने वालों को ही मिलता है। मोक्ष के लिए जरूरी है त्याग और तपस्या की सीढ़ियां चढ़ना। प्रभु का अतीत वैसा ही था, जैसा आपका वर्तमान है। पंचकल्याणक आपके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। ओल्ड ईदगाह कालोनी में आयोजित श्री 1008 मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में यह धर्म वचन संत शिरोमणी आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री 108 विशालसागर जी, मुनिश्री 108 वीरसागर जी, मुनिस्री 108 धवलसागर जी ने कहे।

प्रथम दिन हुआ शांतिमंत्र अभिषेक, ध्वजारोहण, मंडल, मंडप शुद्धि के बाद मण्डप प्रतिष्ठा और फिर हुआ मण्डल प्रतिष्ठा संस्कार
ओल्ड ईदगाह कॉलोनी में श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी द्वारा आयोजित पाषाण से भगवान बनने की कठोर प्रक्रिया श्री 1008 मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का शुभारम्भ आज घटयात्रा के साथ हुआ। बैंडबाजों के साथ धूमधाम से निकली घटयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भक्तिपूर्वक भाग लिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। ओल्ड ईदगाह कालोनी स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर से प्रारम्भ होकर घटयात्रा अयोध्या नगरी के रूप में सजाए गए कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जहां मुनिश्री द्वारा प्रवचन, मंगल ध्वजारोहण स्थल पर पूजन के उपरान्त एचएल बैनारा व निर्मल मोठ्या व राजेश मोठ्या ने धवजारोहण किया गया। शांतिमंत्र अभिषेक, ध्वजारोहण, अमृतधारा के साथ मंडल, मंडप शुद्धि, मण्डप प्रतिष्ठा और फिर हुआ मण्डल प्रतिष्ठा संस्कार। संध्या काल में आचार्य भक्ति आरती व प्रवचन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उप्र, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाण सहित नौ प्रांतो के लगभग तीन हजार स् अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

गुटखा, तम्बाकू खाने वाले पंडाल में न करें प्रवेश
मुनिश्री विशालसागर जी ने श्रद्धालुओं से कहा कि पान, गुटखा खाकर पंडाल में प्रवेश न करें। पंचकल्याणक का लाभ तभी मिलेगा जब त्याग करेंगे। पंचकल्याणक की क्रियों को आत्मसात करेंगे। छोटे बच्चों को डायपर पहनाकर, अशुद्ध व काले वस्त्रों में भी पंडाल में प्रवेश न करें। आभूषणों का श्रंगार करें, लेकिन कॉस्मेटिक चीजों से श्रंगार करके भी पंडाल में प्रवेश न करें।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य संयोजक अमित जैन (रिंकू), सहसंयोजक अनिल जैन, अमित जैन, मुरारीलाल जैन, दिलीप जैन, सुभाष चंद जैन, मुकेश जैन, शारदा जैन, पायल जैन, रविन्द्र जैन, अतुल, नमित, सिमलेश जैन, अनीषा जैन, रश्मि जैन, दीपाली, रुचि जैन आदि उपस्थित थीं।