आगरालीक्स आगरा में महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई, उन्हें कोई छेडे, हमला करे तो कैसे बचें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेन्स के साथ समाज में लोगों की बेटा और बेटी के प्रति दोहरी मानसकिता का बदलना भी जरूरी है। बेटा लड़कियों के साथ घूमें तो जवान हो गया और लड़की पड़ोसी दोस्त से बात करे तो जमाना खराब हो गया, जैसी संकुचित मानसिकता भी निर्भया जैसे कांड को न्योता देने के लिए जिम्मेदार हैं। बेटी से छोटे कपड़े पहनने की मना करने के साथ बेटे को भी नजरों में गंदगी न लाने की शिक्षा दें। बेटी को पढ़ाने के साथ आज बेटों को समझाना भी बहुत जरूरी हो गया है। यह कहना था पिंक बेल्ट की संस्थापिका अपर्णा राजावत का। स्पाइसी शुगर द्वारा होटल डबल ट्री बाई हिल्टन में आयोजित लाइफ टाइम एक्सपीरिएंस एंड लर्निंग विद अपर्णा राजावत कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को सेस्फ डिफेन्स की तकनीकें भी सिखें।
स्पाइसी शुगर की संस्थापिका पूनम सचदेवा ने 1973 से 2019 तक महिलाओं के साथ हुए बलात्कार के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि निर्भया ने एक दिन सहा, लेकिन बहुत सी निर्भया ऐसी हैं, जिन्हें हर रोज सह कर मर-मर कर जीना पड़ता है। अपर्णा राजावत ने महिलाओं से कहा कि वह लड़कियों को समाज की बदनामी के डर से चुप रहना न सिखाएं। लड़कियों के साथ खड़े होकर ऐसे लोगों का मुकाबला करें। पुलिस की सहायता लेने से भी संकोंच नहीं करना चाहिए। पिंक बेल्ट पर डायक्यूमेंटरी बना रहे हॉलीबुड के निदेर्शन जॉन मेकराइट का स्मृति चिन्द देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. रंजना बंसल, तूलिका कपूर, नम्रता पानेकर, ऋतु, नूतन बजाज, पावनी सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, सलोनी चुग, निधि, प्रेरमा कक्कड़, रीना सिंह, वीना सचदेवा आदि उपस्थित थीं।

किसी भी उम्र में सीख सकते हैं सेल्फ डिफेन्स की तकनीक
अपर्णा राजावत ने कहा कि सेल्फ डिफेंस एक तकनीक है, इसको किसी भी उम्र की महिलाएं सीख सकतीं हैं। इसको सीखने के लिए महिला के मोटा या पतला होने से भी फर्क नहीं पड़ता है। इस तकनीक को सीखने का अर्थ है कि किसी भी अप्रिय स्थिति में अपनी सुरक्षा खुद कर सकें। क्यों कि कोई आकर जब तक आप को बचायेगा। घटना घट जाएगी। इसके लिए किसी का इंतजार नहीं बल्कि खुद ही जबाव देने के लिए सक्षम बनना होगा।