
बुधवार को सर्किट हाउस में उत्तर प्रदेश आश्वासन समिति क संयोंजक मनीष असीजा, विधायक दलवीर सिंह दीनदयाल त्रिपाठी अधिकारी, नीरज पांडेय पहुंचे, यहां प्रभारी डीएम नगेंद्र प्रताप, कुलसचिव केएन सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार विश्वेश्वर प्रसाद से सवाल जवाब किए। समिति के सवालों में कुलसचिव फंस गए, उनसे पूछा गया कि छात्रों को मार्कशीट न मिलना, फर्जी मार्कशीट पकडी जाना , मार्कशीट सत्यापन में उगाही करने की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई? कुलसचिव ने कहा, सभी में थाना हरीपर्वत में एफआईआर कराई गई है। समिति ने वहीं पर थाना हरीपर्वत के इंस्पेक्टर को बुलाकर पूछा तो पता चला कि एक भी मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। यह सुनते ही समिति के सदस्य भड़क गए।
समिति संयोजक विधायक मनीष असीजा ने कहा, शिकायतें गंभीर हैं। विवि अधिकारी झूठी जानकारी देकर जांच प्रभावित कर रहे हैं। दलवीर सिंह ने कहा कि यहां भ्रष्टाचार नाक तक आ पहुंचा है। छात्रों का भविष्य तो चौपट हुआ ही विश्वविद्यालय की छवि भी धूमिल की है। समिति इसकी रिटायर्ड जज के नेतृत्व में न्यायिक जांच कराने की संस्तुति करेगी। समिति ने फर्जीवाड़ों की सूची विवि अधिकारियों को देते हुए इन पर अब तक हुई कार्रवाई की 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। यह विधानसभा में भी रखी जाएगी।
ये दिए गए निर्देश
– 2013, 2014, 2015 की मार्कशीट-डिग्री कालेज भेजकर बांटी जाएं
– इन वर्षों के लिए हेल्प डेस्क बने, महीने भर में शिकायतों का निस्तारण हो
– बीएड सत्यापन में उगाही करने वाले कर्मियों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
– रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के चयन का आधार, मानक और शर्तें तय की जाएं।
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