
इंटरनेट फोटो
महाराष्ट्र के लातूर में पानी के संकट को देखते हुए स्पेशल वाटर एक्सप्रेस भेजी गई थी, अब इस तरह की वाटर एक्सप्रेस कई राज्यों में भेजी जा रही हैं, जहां पानी की समस्या है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड के लिए वाटर एक्सप्रेस भेजी थी। यह झांसी रेलवे स्टेशन पर चार मई को पहुंची। यहां वाटर एक्सप्रेस का यार्ड में फोटो लेते समय फोटो जर्नलिस्ट रवि कन्नौजिया हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए, इससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद वाटर एक्सप्रेस को झांसी से आगरा के लिए रवाना किया गया।
आगरा कैंट पर खडी रही डेढ घंटे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वाटर एक्सप्रेस रात 11 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंंची, इसमें 7 .50 लाख लीटर पानी था। यहां करीब डेढ घंटे तक वाटर एक्सप्रेस खडी रही। स्टेशन पर वाटर एक्सप्रेस के आने की जानकारी कुछ ही लोगों को थी, इसलिए अधिकांश लोगों को इसके बारे में पता तक नहीं चला।
कहां भेजा जाए पानी, होता रहा विचार
लाखों लीटर पानी से भरी वाटर एक्सप्रेस को कहां भेजा जाए, आगरा में भी पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं, इस तरह के सवालों के बाद रात 12 30 बजे ट्रेन को रतलाम, मध्यप्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया। जिससे वहां पानी का इस्तेमाल हो सके।
पानी पर हो रही राजनीति
पानी पर भी राजनीति होने लगी है। यूपी में वाटर एक्सप्रेस भेजे जाने पर सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि खाली ट्रेन भेज दी गई थी, उन्होंने यह भी कहा था कि हमारे यहां पानी की कमी नहीं है। ऐसे में वाटर एक्सप्रेस भाजपा शासित राज्यों में भी पहुंच सकेगी, अन्य राज्य सरकारें पानी के लिए मची मारामारी में केंद्र को क्रेडिट नहीं देना चाहते हैं। इसे लेकर भी राजनीति गर्म है।
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