नईदिल्लीलीक्स.. तेज गेंदबाजी के बादशाह रहे वेस्ट इंडीज अब स्पिनरों के भरोसे लेकिन वह भी नहीं उतर रहे खरे। वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं करने से भी टूट गया है मनोबल…
टूटे हुए मनोबल के साथ खेल रही वेस्ट इंडीज टीम
वेस्ट इंडीज के दौरे पर गई भारतीय टीम को कमजोर वेस्ट इंडीज टीम से सामना करना पड़ रहा है। वेस्ट इंडीज की टीम इस बार वनडे विश्वकप के लिए क्वालीफाई तक नहीं कर पाई है। क्वालीफायर मैचों में वेस्ट इंडीज के तेज गेंदबाजों को छोटे देशों के खिलाड़ियों ने जमकर बखिया उधेड़ी थी। जेसन होल्डर जैसे गेंदबाज के ओवर में 30 रन जड़ दिए गए थे।
भारत जैसी मजबूत टीम के आगे पस्त
विश्वकप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने के गम से वेस्टइंडीज की टीम उबर भी नहीं पाई थी कि भारत से जैसी मजबूत टीम से सामना करना पड़ रहा है।
टेस्ट में भी स्पिनरों की मददगार पिच पर फायदा नही

वेस्ट इंडीज ने तेज गेंदबाजों पर भरोसा कम कर अब तक स्पिन वाली पिचों पर मैच खेलने का निर्णय लिया। पहले टेस्ट में भारीभरकम शरीर वाले स्पिनर रहीम कार्निवाल को भी मैच खिलाया लेकिन फिर भी हार का सामना करना पड़ा। दूसरा मैच बारिश के कारण ड्रा हो गया।
वनडे सीरीज के पहले मैच में तो और बुरी हालत
वन-डे मैचों की 27 जुलाई से शुरू हुई सीरीज में भी स्पिनरों की मददगार पिच बनवाई और टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की लेकिन भारत ने 23 ओवर में भी पूरी टीम को 114 रन पर निबटा दिया। जडेजा ने तीन विकेट लिए जबकि कुलदीप यादव तीन ओवर में छह रन देकर चार विकेट ले गए।
भारत को आया तरस, मध्यक्रम को आजमाया
भारत ने इंडीज की दयनीय हालत को देखते हुए बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल कर मध्यमक्रम के बल्लेंबाजों को ऊपर भेजा और पांच विकेट से मैच जीत लिया। हालांकि इस मैच में कप्तान रोहित को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आना पड़ा। इस मैच में विंडीज के लिए तीन विकेट स्पिनरों ने ही लिए।