आगरालीक्स… आगरा में सुसाइड से पहले महिला द्वारा लिखा गया चार पन्नों का सुसाइड नोट वायरल हो रहा है, इसमें लिखा है मोदी जी क्या अच्छे दिन आए हैं। लोन लेने के लिए हम जैसे लोगों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। आपने ट्रेनिंग सेंटर खोले। मैंने भी खंदौली से 800 रुपये देकर ट्रेनिंग ली थी। कोर्स के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा, जिससे लोन मिल जाएगा, लेकिन वहां से कुछ भी नहीं हुआ। हम जैसे लोगों को कोई लोन नहीं देता है। अब जाकर जैसे तैसे लोन मिला। दुकान खोली तो अपने आ गए छीनने के लिए।
सदर क्षेत्र के सेवला निवासी शशि पुत्री अजेंद्र की शादी 19 साल पहले गांव धांधूपुरा निवासी वीरेंद्र पुत्र लक्ष्मण सिंह से हुई थी। उनके दो बच्चे 16 साल का अमन और 14 साल की उन्नति है। वीरेंद्र ने बताया कि उसके छोटे भाई जितेंद्र की शादी भी शशि की बहन राजकुमारी से हुई थी। चार महीने पहले शशि के भाई योगेश ने 65 हजार रुपये कीमत का मोबाइल लोन पर खरीदा था। लोन शशि के पति वीरेंद्र के नाम पर था। हर महीने 3300 रुपये की ईएमआई देकर देनी थी । बहन से योगेश ने कहा था कि वो समय पर ईएमआई जमा करा देगा। दो महीनेईएमआई जमा कराई,इसके बाद ईएमआई देना बंद कर दिया। फाइनेंस कंपनी से फोन आने पर वीरेंद्र को पता चला। इस पर योगेश से बात की। शनिवार शाम को शशि ने उससे फोन पर बात की। शशि से योगेश ने लोन अदा करने से इंकार कर दिया। इससे शशि तनाव में आ गई।
सुसाइड नोट में भाई के साथ ही माता पिता को ठहराया दोषी
शशि ने चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, इसमें उसने इसमें शशि ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपने माता-पिता, भाई, बहन, देवर और देवरानी को ठहराया है। साथ ही लिखा है कि मोदी जी क्या अच्छे दिन आए हैं। लोन लेने के लिए हम जैसे लोगों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। आपने ट्रेनिंग सेंटर खोले। मैंने भी खंदौली से 800 रुपये देकर ट्रेनिंग ली थी। कोर्स के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा, जिससे लोन मिल जाएगा, लेकिन वहां से कुछ भी नहीं हुआ। हम जैसे लोगों को कोई लोन नहीं देता है। अब जाकर जैसे तैसे लोन मिला। दुकान खोली तो अपने आ गए छीनने के लिए।
सुबह शव लटका मिला
भाई ने ईएमआई जमा करने से इन्कार कर दिया, इससे तनाव में आई शशि ने शनिवार रात को घर की किचिन में पंखे पर दुपट्टे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। रविवार सुबह छह बजे वीरेंद्र जागा तो पत्नी को फांसी पर लटका देखा।