आगरालीक्स… आगरा में डिलीवरी के दौरान महिला और जुडवा टेस्ट टयूब बेबी की मौत पर परिजन भडक गए, उन्होंने हंगामा किया, पुलिस ने मामला शांत कराया।
इटावा के गांव माणिकपुर विशू निवासी सतीश चंद्र की पत्नी विनीता देवी (43) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। सतीश के रिश्तेदार अवनीश ने बताया कि उनके संतान नहीं थी। पएक साल पहले दिल्ली गेट स्थित रवि वूमेन हास्पिटल में इलाज कराया। आरोप है कि यहां आठ लाख रुपये में आईवीएपफ से संतान पैदा होने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद आईवीएपफ ट्रीटमेंट शुरू कर दिया और विनीता का गर्भधारण हो गया।
पेट दर्द होने पर कराया भर्ती, मौत पर भडके परिजन
विनीता के पेट दर्द हो रहा था, वे शुक्रवार सुबह साढ़े छह बजे आगरा आए। विनीता को रवि वूमेन हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कर लिया। आरोप है कि पति सतीश चंद्र को विनीता से मिलने नहीं दिया। शाम को तकरीबन छह बजे एक यूनिट ब्लड मंगवाया।
शाम तकरीबन साढ़े सात बजे डा. रजनी पचौरी ने बताया कि विनीता की मौत हो गई है। उसके जुड़वा बच्चे भी मर चुके हैं। इस पर परिजन भडक गए, हॉस्पिटल संचालक डॉ रविंद्र मोहन पचौरी का मीडिया से कहना है कि गर्भवती को परिजन जब अस्पताल लेकर आए तो उसे उच्च रक्तचाप था। गर्भ में ही शिशुओं की मृत्यु हो गई थी। शाम को महिला के कार्डिएक अरेस्ट होने पर दम तोड़ दिया। लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है। शव का पोस्टमार्टम कराने को भी कहा है।