आगरालीक्स.. आगरा में 268 बसों के मालिकों ने आरसी सहित मूल दस्तावेज सरेंडर कर दिए हैं, इन पर करीब 2. 5 करोड का टैक्स है, बस नहीं चलने से हर महीने 10 से 20 हजार रुपये का टैक्स लग रहा है। जब तक मूल दस्तावेज जमा हैं, ये बसें सडकों पर नहीं चल सकती हैं।
आगरा में बडी संख्या में ट्रेवल एजेंसी द्वारा जयपुर, इंदौर, दिल्ली, लखनउ सहित अलग अलग शहरों के लिए प्राइवेट बसें चलाई जाती हैं। ये बसें मार्च से लॉक डाउन के बाद से बंद हैं, इन बसों पर एडिशनल टैक्स बढता जा रहा है।
मांगे गए थे आवेदन
जो बसें नहीं चल रही हैं, इन्हें सरेंडर करने के लिए आवेदन मांगे गए थे, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 233 प्राइवेट बस, जेएनयूआरएम की 30 और रोडवेज की तीन बसों ने सरेंड किया है, इन बसों के मालिकों ने आरसी और मूल प्रपस्त आरटीओ कार्यालय में जमा करा दिए हैं, जब तक मूल प्रपत्र जमा है ये बसें सडक पर नहीं चल सकती हैं।
टैक्स में मिल सकती है छूट
सरेंडर करने से एडिशनल टैक्स में छूट मिल सकती है, यह बडी सहूलियत होगी। मगर, इसे लेकर शासन स्तर से दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।