आगरालीक्स…. आगरा में एक युवती के शादी से पहले पेट का आकार बढने से गर्भवती लगने लगी थी, परिजन परेशान थे, आॅपरेशन में नौ महीने के शिशु के आकार का कुछ ऐसा निकला कि डॉक्टर भी हैरान रह गए।
प्राइवेट पार्ट से बदबूदार डिस्चार्ज, बुखार और यूटीआई इन्फेक्शन होने पर 25 साल की युवती डॉ कमलेश टंडन नर्सिंग होम में भर्ती हुई। यहां किए गए चेकअप में युवती के गर्भाशय में रसौली (यूटराइन फाइब्रॉइड) थी रसौलीे ने पूरे पेट को घेर रखा था । 12 जून को डॉ अमित टंडन ने टीम के साथ लेप्रोस्कोपिक विधि से आॅपरेशन किया , सात घंटे चले आॅपरेशन में सबसे बडी रसौली का आकार 2. 8 किलोग्राम था। इसका आकार भी फुटबॉल जैसा था, पांच छोटे आकार की रसौली भी निकाली गई, इस तरह तीन किलोग्राम से अधिक वजन की रसौली आॅपरेशन के बाद निकाली गई। डॉ अमित टंडन ने बताया कि बडे आकार की रसौली एक से दो किलोग्राम की होती हैं लेकिन युवती के तीन किलोग्राम से अधिक वजन की रसौली थी। ऐसे केस में आॅपरेशन में गर्भाशय को नुकसान होने का डर रहता है, कई बार गर्भाशय भी निकालना पडता है। युवती की उम्र 25 साल थी, इसलिए दूरबीन विधि से किए गए आॅपरेशन में विशेष ध्यान रखा गया कि युवती के गर्भाशय को कोई नुकसान न हो, जिससे युवती मां बन सके। युवती अब ठीक है और मां बन सकती है। डॉ कमलेश टंडन ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी, इस दौरान डॉ वैशाली टंडन आदि मौजूद रहे।
युवतियों में बढ रहे रसौली के केस
50 फीसदी महिलाओं को उनके जीवन में कभी न कभी यूटराइन फाइब्रॉइड्स होता है, लेकिन ज्यादातर महिलाओं को इसका पता ही नहीं चलता है, शुरुआती तौर पर इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता। छोटी रसौलियां बहुत पाई जाती हैं। अगर यह साइज में बहुत बड़ी हो जाएं तो महिलाओं को बार-बार मिसकैरिज होने लगते हैं और गर्भ ठहरने करने में दिक्कत होती है। पिछले कुछ समय से 18 से 30 साल की युवतियों में रसौली के मामले 50 फीसद बढ गए हैं। फास्ट फूड के सेवन, तनाव और बदली जीवनशैली से हार्मोन में असंतुलन हो रहा है और रसौली के केस बढने लगे हैं। अविवाहित युवतियों में भी रसौली के मामले तेजीे से बढे हैं। देर से शादी होना भी एक बडा कारण है। अक्सर मां बाप इसलिए आॅपरेशन नहीं कराते हैं कि पेट पर टांके लगेंगे और शादी में समस्या आएगी, इससे रसौली का आकार बढता जाता है। डॉ अमित टंडन ने बताया कि दूरबीन विधि से छोटे छेद से बडी से बडी रसौली को निकाला जा सकता है।इससे बच्चेदानी को भी बचाया जा सकता है।