
एडवोकेट एएन श्रीवास्तव द्वारा आरटीआई के तहत मांगे की सूचना के जवाब में यमुना एक्सप्रेस वे औघोगिक विकास प्राधिकरण ने तीन साल में 319 लोगों की एक्सप्रेस वे पर एक्सीडेंट में मौत होने की बात स्वीकार की है। सबसे ज्यादा मौतें वर्ष 2014 में 127 दर्ज की गई है। वर्ष 2013 में 118 मौतें हुई हैं। वर्ष 2012 में अगस्त से दिसंबर तक दुर्घटना में 33 मौत हुई थी।
इस साल चार महीने में 41 मौतें
एक्सप्रेस वे पर वर्ष 2015 में जनवरी से अप्रैल तक 252 एक्सीडेंट हुए हैं, इसमें 41 लोगों की मौत हो चुकी है। दुर्घटना में हो रही मौतों की रोकथाम कैसे की जाए, इस पर कोई काम नहीं हुआ है। एक्सीडेंट के तुरंत बाद घायलों को इलाज मिल सके तो भी तमाम लोगों की जान बचाई जा सकती है।
Leave a comment