आगरालीक्स…5जी नेटवर्क को लाने की तैयारी. नीलामी को मिली मंजूरी. मार्च 2023 में मिल सकती हैं 5जी की सेवाएं! जानिए क्या होगी स्पीड, डेटा प्लान और सुविधाएं…4जी से कितना होगा अलग
केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से देश में दूरसंचार सेवाओं की 5जी के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी को मंजूरी दे दी है. 4.3 लाख करोड़ रुपये की यह नीलामी 26 जुलाई 2022 से शुरू होगी. इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियेां द्वारा अपने खुद के इस्तेमाल के लिए 5जीनेटवर्क की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है. केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट करते हुए कहा कि भारतीय दूरसंचार के लिए एक नए युग की शुरुआत हो रही है. 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी की घोषणा. उन्होंने कहा कि भारत अपनी 5G सेवाओं को तैयार कर रहा है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय 5G तकनीक का एक कोर नेटवर्क विकसित करना है. 5G नेटवर्क गति और क्षमता प्रदान करेगा जो वर्तमान 4G सेवाओं के माध्यम से संभव से लगभग 10 गुना अधिक होगा.

जानिए 5जी से संबंधित पूरी जानकारी
- 5G सबसे आधुनिक स्तर का नेटवर्क होगा, जिसके अंतर्गत इंटरनेट स्पीड सबसे तेज होगी.
- खास बात ये है कि यह निचली फ्रीक्वेंसी के बैंड से लेकर हाई बैंड तक की वेव्स में काम करेगा. इसका नेटवर्क ज्यादा व्यापक और हाईस्पीड होगा.
- 4G में इंटरनेट की डाउनलोड स्पीड 150 मेकाबाइट्स प्रति सेकंड तक सीमित है जबकि 5G में यह 10 जीबी प्रति सेकंड तक जा सकती है.
- 5G में अपलोड स्पीड भी एक जीबी प्रति सेकंड तक होगी जो कि 4G नेटवर्क में सिर्फ 50 एमबीपीएस तक ही है.
- 4G के मुकाबले 5G नेटवर्क का दायरा ज्यादा होने की वजह से यह बिना स्पीड कम हुए भी कई और डिवाइसेज के साथ जुड़ सकेगा.
- 5G सेवाओं के लिए टेस्टिंग 12 शहरों में सितंबर से ही शुरू हो जाएंगी. लेकनि पूरे भारत में इसके पहुंचने में 2023 की पहली तिमाही यानी मार्च 2023 तक का समय लग सकता है.
- 5G की एक खास बात ये है कि यह उन्हीं रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करेगा, जिन पर मौजूदा मोबाइल डेटा, वाई—फाई और सैटेलाइट संचार चलता आ रहा है. इसका मतलब टेलीकॉम कंपनियां को 5G नेटवर्क के लिए कोई अतिरिक्त टावर नहीं लगाने पड़ेंगे.
डेटा प्लान होंगे कुछ महंगे
यूजर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि 5G नेटवर्क के लिए चुकाई जाने वाली कीमत में इजाफा होगा और अगर होगा तो वो कितना होगा. इस संबंध में वैसे तो फिलहाल टेलीकॉम कंपनियों ने कोई बयान नहीं दिया है लेकिन नई तकनीक को लाने में हुए खर्च की वजह से इसकी कीमतें 4G से ज्यादा रहने की संभावनाएं हैं. इसके प्लान 10 से 30 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं. हालांकि भारत में इसके काफी कम रहने की भी उम्मीद है, क्योंकि इसी साल मार्च में एयरटेल के चीफ टेक्नोलॉजी आफिसर रणदीप सेखोन ने कहा था कि 5G के प्लांस 4G के ही आसपास रखे जाएंगे.