आगरालीक्स.. शायर राहत इंदौरी का निधन, कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती। दिल का दौरा पडने से हुआ निधन।
डॉ राहत इंदौरी ने मंगलवार सुबह फेसबुक पर पोस्ट डाली थी कि प्रारंभिक लक्षण मिलने पर कोरोना की जांच कराई, इसमें कोरोना की पुष्टि हुई है लेकिन मैं कोरोना को हराकर आउंगा, उनका इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भर्ती किया गया था, दिल का दौरा पडने से उनका निधन हुआ है।
70 साल के राहत इंदौरी, शायरी के बादशाह
राहत इंदौरी का जन्म एक जनवरी 1950 को इंदौर में हुआ था, उनके पिता कपडा मिल में कर्मचारी थे, राहत इंदौरी ने नूतन स्कूल इंदौर से पढाई की, इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से स्नातक की, उन्होंने उर्दू साहित्य में पीएचडी की। वे इंद्रकुमार कॉलेज इंदौर में शिक्षक रहे।
डॉ राहत इंदौरी की शायरी
फूलों की दुकानें खोलो, खुशबू का व्यापार करो
, इश्क खता है तो ये खता एक बार नहीं सौ बार करो
तूफानों से आंख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो
मल्लाहों का चक्कर छोडो, तैर के दरिया पार करो
अपने हाकिम की फकीरी पे तरस आता है
जो गरीबों से पसीने की कमाई मांगे
जुबां तो खोल, नजर तो मिला, जवाब तो दे,
मैं कितनी बार लुटा हूं, हिसाब तो दे
आंख में पानी रखो, होटों पे चिंगारी रखो,
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
उस आदमी को बस इक धुन सवार रहती है
बहुत हसीन है दुनिया इसे खराब करूं