आगरालीक्स …..आगरा के सरकार नर्सिंग होम के पांच डॉक्टरों पर मुकदमे के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है। दो महीने की बेटी को गंभीर स्क्रब टाइफस बीमारी बता दी। परिजन दिल्ली ले गए वहां डाक्टरों ने ऐसी कोई बीमारी नहीं बताई और वह ठीक हो गई। 2.88 लाख रुपये ले लिए। सीजेएम ने एसएसपी से प्रार्थना पत्र की जांच कराकर 20 तनवरी तक आख्या मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिरोजाबाद के सुहाग नगर हुमायूंपुर चौराहा निवासी प्रवेंद्र यादव ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने आरोप लगाए हैं कि सात सितंबर 2021 को दो महीने की बेटी को निमोनिया होने पर डॉ. अतुल गोयल को दिखाया, उन्होंने बेटी को सरकार हॉस्पिटल,दिल्ली गेट पर भर्ती करा दिया। अस्पताल में उनसे कहा गया कि आक्सीजन की कमी है, आरोप है कि एक लाख रुपये जमा करा लिए गए, नौ सितंबर को साइंटिफिक पैथोलाजी लैब से जांच कराई।

बेटी को बताई गंभीर बीमारी, 2.88 लाख रुपये हो गए खर्च
आरोप है कि साइंटिफिक पैथोलाजी लैब की रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि बेटी को गंभीर बीमारी है, यह 10 हजार में किसी एक को होती है, इसे दिल्ली ले जाएं, इलाज, जांच और दवा में 2.88 लाख रुपये खर्च हो गए।
दिल्ली में भर्ती कराया, दो दिन बाद अस्पताल से हो गई छुटटी
प्रवेंद्र का आरोप है कि 10 सितंबर को बेटी को इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच कराई, रिपोर्ट आने पर बाताया कि बच्ची को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। निमोनिया का इलाज किया और ठीक होने पर 12 सितंबर को डिस्चार्ज कर दिया। धोखाधड़ी की शिकायत की लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की, इस मामले में प्रवेंद्र के अधिवक्ता राम मोहन उपाध्याय के द्वारा सीजेएम के कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें डॉ. अतुल गोयल, डॉ. वरुण सरकार,डॉ. निखिल चतुर्वेदी, डॉ. सुनील कुलश्रेष्ठ, डॉ.अशोक शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में 20 जनवरी तक आख्या मांगी गई है और 22 जनवरी को सुनवाई की तारीख नियत की है।