
सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना ने सेंट जोंस कॉलेज, आगरा में 1978 में प्रवेश लिया, उन्होंने यहां से स्नातक किया। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन भी सेंट जोंस कॉलेज से की है। इस तरह उन्होंने सेंट जोंस कॉलेज में 1978 से 1982 तक पांच साल तक पढाई की। उन्होंने सेंट जोंस कॉलेज से एमए किया था, इसके बाद वे स्कूल में पढाने लगे, इसी बीच उनका चयन 1984 में गुजरात कैडर के आईपीएस के पद पर हुआ। यही नहीं, उन्होंने सिविल सर्विस में भी सफलता हासिल कर ली और आईएएस में चयन हो गया। मगर, राकेश अस्थाना आईपीएस अधिकारी बनाना चाहते थे, उन्होंने गुजरात कैडर के आईपीएस पद पर नियुक्ति ली।
बिहार के छोटे गांव में बीता बचपन
राकेश अस्थाना का बचपन नेतारहत में गुजरा, प्रारंभिक शिक्षा भी उन्होंने गांव में ली, आज यह गांव देश के सबसे अच्छे ग्रामीण क्षेत्र में आता है।
प्रोफेशनल होना है जरूरी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राकेश अस्थाना का मानना है कि जिंदगी में प्रोफेशनल होना जरूरी है। यही आगे ले जाता है। वे अपनी लाइपफ में पूरी तरह से प्रोफेशनल हैं। इसलिए उन्हें एक के बाद एक बडी जिम्मेदारी दी जा रही है।
चारा घोटाले के पर्दाफाश में निभाई अहम भूमिका
राकेश अस्थाना 1998 से 2002 तक सीबीआई में एसपी के पद पर रहे। एसपी सीबीआई रहते हुए पटना, धनबाद और रांची में बडे आॅपरेशन किए। इसी दौरान उन्होंने बिहार के 950 करोड के चारा घोटाले में लालू यादव की संलिप्तता को उजागर किया, इसी के आधार पर उनको सजा हुई थी और जेल जाना पडा था।
पीएम मोदी और शाह से नजदीकी
सीबीआई में गुजरात के यह दूसरी अधिकारी हैं, जिन्हें शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राकेश अस्थाना की पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से नजदीकी है। उनसे पहले अमित शर्मा को सीबीआई में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था।
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