आगरालीक्स..( दो मिनट में पूरी खबर).. आगरा में दिल दहला देने वाली वारदात, व्यापारी के बेटे की हत्या करने के बाद हत्यारे परिजनों के आस पास रहे। व्यापारी के बेटे की सूचना देने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की भी घोषणा करते ही, 35 लाख की फिरौती के लिए फोन और एक लेटर व्यापारी के घर आ गया। यहां से ही मामला खुलता चला गया। गुरुवार रात को पुलिस ने व्यापारी के पड़ोस में रहने वाले दो युवक और एक रिश्तेदार को अरेस्ट कर लिया, उन्होंने कुलदीप की हत्या कर शव दफाने की जानकारी दी, पुलिस ने शव को निकलवाया।
आगरा के इरादतनगर के जज्जूपुरा निवासी किराना व्यापारी गब्बर का नौ साल का बेटा कुलदीप 23 जनवरी को घर के बाहर खेल रहा था, वहां से गायब हो गया। इसके बाद कुलदीप का पता नहीं चला, परिजनों ने कुलदीप का पता लगाने के लिए वोट का बहिष्कार करने का ऐलान भी कर दिया लेकिन पुलिस कुलदीप का पता नहीं लगा सकी।

चार फरवरी को कुलदीप का पता बताने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा
कुलदीप का पता न चलने पर चार फरवरी को व्यापारी गब्बर सिंह ने पता बताने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा कर दी, उम्मीद थी कि इसके बाद कुलदीप मिल जाए। कुलदीप के बारे में तो पता नहीं चला लेकिन छह फरवरी को व्यापारी गब्बर सिंह के घर 35 लाख की फिरौती देकर कुलदीप को लेने का पत्र मिला।
इस तरह पकड़े गए हत्यारे
व्यापारी गब्बर के घर पर छह फरवरी को 35 लाख् की फिरौती के लिए पत्र आया, इसके बाद फोन आया। व्यापारी ने फोन करने वाले से कहा कि वह कैसे माने कि कुलदीप उसके पास है। इसके अगले दिन एक और पत्र आया, इसके साथ कुलदीप की कैप भी थी, जिससे भरोसा हो जाए कि कुलदीप उनके पास है और 35 लाख रुपये की फिरौती दे दें।
इस तरह पकड़े गए हत्यारे
व्यापारी गब्बर के घर पर छह फरवरी को 35 लाख् की फिरौती के लिए पत्र आया, इसके बाद फोन आया। व्यापारी ने फोन करने वाले से कहा कि वह कैसे माने कि कुलदीप उसके पास है। इसके अगले दिन एक और पत्र आया, इसके साथ कुलदीप की कैप भी थी, जिससे भरोसा हो जाए कि कुलदीप उनके पास है और 35 लाख रुपये की फिरौती दे दें। व्यापारी के घर फिरौती के लिए दो पत्र आए लेकिन कोई बाहरी व्यक्ति पत्र लेकर आते जाते दिखाई नहीं दिया, इससे परिचित के शामिल होने का शक गहराता गया। व्यापारी के शक करने पर पुलिस ने पड़ोसी आशु को हिरासत में ले लिया, सख्ती से पूछताछ करने पर मामला खुल गया।
किडनैप करने के बाद 23 जनवरी को ही कर दी थी हत्या
पुलिस पूछताछ में आशु ने बताया कि वह पड़ोसी कन्हैया और गब्बर के रिश्तेदार मथुरा निवासी मुकेश के साथ मिलकर 23 जनवरी को कुलदीप को बातों में लगाकर अपने साथ जंगल में ले गया। कुलदीप की हत्या कर शव दफना दिया। इसके बाद व्यापारी के आस पास ही रहे, कुलदीप की तलाश के लिए भी व्यापारी के साथ में इधर उधर घूमते रहे। जिससे शक न हो।
रंजिश के चलते की हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि व्यापारी गब्बर के घर पड़ोसी आशु ने चोरी कर ली थी, इसके बाद गांव में पंचायत हुई और आशु पर गांव से बाहर रहने का पंचायत में फैसला सुनाया गया। इसके बाद आशु अपनी बहन के घर खेरागढ़ चलरा गया, जनवरी में वह वापस अपने गांव आ गया लेकिन वह व्यापारी गब्बर से दुश्मनी मानने लगा था, इसके चलते कुलदीप की हत्या की, इनाम की घोषणा होने पर उसे लगा कि फिरौती मांगी जा सकती है। 35 लाख की फिरौती मांग ली।