
आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के केएमआई में शिक्षक डॉ राम शंकर कठेरिया पर 7 फरवरी 2007 में आगरा के राष्ट्रीय राजमार्ग-2 में जाम लगा रहे लोगों का नेतृत्च करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। बहुजन समाज पार्टी के नेता कुबेर चन्द ने 2010 में कठेरिया समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री के खिलाफ फर्जी मार्कशीट का मामला सामने आया था लेकिन बाद में उन्हें क्लीनचिट मिल गई थी।
हाल ही में केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री के खिलाफ फर्जी मार्कशीट का मामला सामने आया था लेकिन बाद में उन्हें क्लीनचिट मिल गई थी।
तीन साल से चल रही प्रक्रिया
इन मामलों को वापस लेने की प्रकिया एक अप्रैल 2013 से शुरू की गई थी। डॉ राम शंकर कठेरिया के कानूनी सलाहकार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने 3 मामलों को वापस लेने पर सहमति दे दी है जबकि 2 अभी भी लम्बित है। उन्होंने दावा किया है कि ये मुकदमे राजनीतिक कारणों से दर्ज कराए गए थे। इस पर प्रदेश सरकार ने मुकदमे जनहित और न्यायहित वापस लेने का फैसला लिया है, इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।
23 मामले आए थे सामने
केन्द्रीय मंत्री डॉ राम शंकर कठेरिया के खिलाफ चुनाव नामांकन के समय दिए गए हलफनामे में 23 मामले सामने आए थे लेकिन अदालत ने किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया। उनके ऊपर सरकारी कर्मचारियों को धमकाने, दंगा भड़काने, धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, संपत्ति, जालसाजी और सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन करने सम्बंधित मामले दर्ज थे ।
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