
यूपी पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यूपीपीजीएमई की सुप्रीम कोर्ट ने पहली काउंसिलिंग निरस्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले पीएचएमएस डॉक्टरों को अधिकतम 30 अंक अतिरिक्त देकर नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस पर एसएन में प्रवेश लेने वाले करीब 40 डॉक्टरों का प्रवेश निरस्त कर दिया गया। ये सभी लखनऊ पहुंच गए हैं। एसएन के प्राचार्य भी लखनऊ में हैं, इन मेडिकल स्टूडेंट से अपने दस्तावेज और 42 हजाहर रुपये पफीस वापस लेकर नए सिरे से हो रही कादंसिलिंग में शामिल होने के लिए कहा गया है। मेडिकल छात्र इसका विरोध कर रहे हैं, इसे लेकर लखनऊ में बवाल चल रहा है। इसकी जानकारी आने पर एसएन में भी इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी गई।
दोपहर डेढ बजे इलाज किया बंद
एसएन के एमबीबीएस छात्र डेढ बजे इमरजेंसी में पहुंच गए, यहां उन्होंने मुख्य गेट को बंद कर दिया। बाहर के गेट पर टेबल लगाकर उसे भी बंद कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पहली काउंसिलंग को निरस्त किए जाने के विरोध में नारेबाजी की। छात्रों में पीएमएचएस के डॉक्टरों को अतिरिक्त अंक दिए जाने से आक्रोश है।
गिडगिडाते रहे मरीज
इलाज न मिलने पर एसएन में पहुंचने वाले मरीज गिडगिडाते रहे, लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल सका। मेडिकल छात्रों की नारेबाजी से मरीज और तीमारदार भयभीत हैं, उन्हें डर सता रहा है कि उनके मरीज का बीच में ही इलाज बंद कर दिया गया तो जान को खतरा हो सकता है। इससे भयभीत तीमदार अपने मरीजों को निजी अस्पताल में ले जा रहे हैं।
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