आगरालीक्स… आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल पर आरोप तय, धारा 188 के तहत पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा। #agranews#chargedframed#bjpcentralstateminister#
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा के एत्मादपुर में एक मामले में मुस्लिम खां सहित अन्य को अरेस्ट न करने पर अप्रैल 2016 में एसपी सिंह बघेल ने पंचायत बुलाई, इसके बाद 11 अप्रैल 2016 को को समर्थकों के साथ बिना बिना अनुमति के स्टेशन रोड स्थित नगला गंगाराम तिराहे पर तख्त बैनर लाउडस्पीकर लगा सभा एवं भाषण दिया था। सभा में उनके सैकड़ाें समर्थक मौजूद थे। इस मामले में एसपी सिंह बघेल सहित अन्य के खिलाफ थानाध्यक्ष ने धारा 144 का उल्लंघन करने पर पर धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की थी। अदालत ने नवंबर 2016 में आरोपितों को मुकदमे के विचारण के लिए तलब करने के आदेश किये थे।
छह जून से होगी गवाही
शनिवार को विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए अर्जुन ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि उल्लेखनीय है कि उपरोक्त विवेचना के प्रकाश में इस स्तर पर यह स्पष्ट नहीं अभिमत अंतिम रूप से विरचित किया जाना संभव एवं विधि सम्मत नहीं है। प्रार्थीगण ने कोई अपराध किया है या नहीं, ये विचारण की वस्तु है। मगर, इस स्तर पर पत्रावली पर उपलब्ध सामग्री के अवलोकन से यह परिलक्षित होता है कि प्रश्नगत अपराध में आरोपितों की संलिप्तता प्रथम दृष्टया दृढ रूप से प्रकट होती है। अत: आरोपितों द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में लिए गए आधारों का निराकरण से पूर्व इस स्तर पर किया जाना संभव नहीं है। उनका निराकरण विचारण कार्यवाही के दौरान अभियोजन व आरोपित दोनों पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य की समीक्षा के उपरांत ही किया जा सकता है। इस स्तर पर आरोपित को डिस्चार्ज किए जाने का आधार पर्याप्त होना परिलक्षित नहीं होने पर प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट में आरोप तय किए गए। मुकदमे में अब गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी।