
इंटरनेट फोटो
मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली की कडकडाहट के साथ बारिश हो रही है। आसमान से गिर रही बिजली लोगों की जान लेने लगी है। सोमवार को मानवीय नगर दिल्ली निवासी प्रशांत शर्मा 32 अपनी मां, पत्नी, बच्ची और बेटी के साथ फतेहपुर सीकरी घूमने आए थे। दोपहर 2 30 बजे वे बीरबल पैलेस में परिजनों का फोटो खींच रहे थे, उसी समय बिजली की गडगडाहट हुई और प्रशांत सिर के बल नीचे गिर गए। उन्हें परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे, वहां उनकी मौत हो गई। अकौला के गांव बसैया में दसवीं के छात्र क्रष्णपाल, किसान पीतम, गुडिया, प्रवीण कुमार और नत्थो की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। आगरा मंडल में सोमवार और मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत रिपोर्ट की गई है।
यह है आकाशीय बिजली
आसमान में बादलों का हवा के बेग से एक दूसरे से विरोधी दिशा में जाते हुए टकराना, इससे घर्षण उत्पन्न होता है, इस घर्षण से बिजली पैदा होती है और इस बिजली के लिए आसमान की बूंदों से भी प्रवाह नाकाफी रहता है तो यह प्रथ्वी पर कंडक्टर तलाशती है।
यह बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह कंडक्टर का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति उसकी परिधि में आ जाता है तो बिजली उस पर गिर जाती है।
– आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य की सतह से भी ज्यादा होता है
_ इसकी क्षमता 12 5 करोड वाट से ज्यादा चार्ज करने की होती है
_ यह बिजली मिली सेकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है
_ यह व्यक्ति के सिर गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है
इस तरह बचें
बिजली के कडकने पर घर से बाहर ना निकलें
बिजली पैदा करने वाली चीजों जैसे रेडिएटर, फोन, धातु के पाइप आदि से दूरी बनाएं
पेड के नीचे या खुले मैदान में जाने से बचें
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