
एटा के अलीगंज में जहरीली शराब के सेवन से 17 लोगों की मौत हो गई थी, रविवार सुबह दो और लोगों की मौत हो गई। वहीं शाम होते होते 11 और लोगों की मौत से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई। इसमें से 5 की सैफई और 6 की फर्रुखाबाद के विभिन्न अस्पतालों में हुई है। इस प्रकार जहरीली शराब पीने से रविवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई । सैफई में भर्ती दस लोगों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। बीते 24 घंटे में अलीगंज स्वास्थ्य केंद्र पर 101 लोगों को भर्ती कराया गया था।
जहरीली शराब से मौत के बाद आगरा में छापेमार कार्रवाई की गई। एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि छापे में 32 लोगों को अवैध शराब के कारोबार में पकडा गया है। जबकि 80 पेटी शराब जब्त की गई है।
रविवार को आगरा जोन के आईजी गंगाप्रसाद, डीआईजी अलीगढ़ गोविंद अग्रवाल ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जबकि पूरे दिन डीएम अजय यादव, एसएसपी अजय शंकर राॠय मौके कैंप किए रहे। लगातार हो रहीं मौतों को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। बवाल की आशंका को लेकर क्षेत्र में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
रविवार को इन लोगों ने तोड़ा दम
जमादार (39) पुत्र लालमन निवासी भरापुरा अलीगंज एटा, राजा (40) पुत्र रफी निवासी मोहल्ला काजी जनपद कासगंज, गुल्लू (45) पुत्र दल्ला निवासी चमन नगरिया अलीगंज एटा, महेश (56) पुत्र रामस्वरुप बझेरा अलीगंज,राशिद (30) पुत्र मौ. शफी मोहल्ला काजी अलीगंज।
इनकी रोशनी गई
कल्लू पुत्र मजीद, विजय पुत्र रामसनेही, नसीर पुत्र रशीद, किशनलाल पुत्र रामभरोसे निवासीगण लुहारी दरवाजा की रोशनी चली गई। उनका इलाज चल रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी, सीओ सहित चार के निलंबन के निर्देश
इस मामले में सीएम कार्यालय से टिवीट किया गया। इसके तहत जिला आबकारी अधिकारी वीके सिंह, एसडीएम संजीव कुमार, सीओ आसाराम और एसओ मुकेश कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। एटा के अलीगंज में मोहल्ला लुहारी दरवाजा में लंबे समय से कच्ची शराब बन रही थी, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। इन लोगों की धरपकड भी नहीं की गई। इसे देखते हुए सीएम द्वारा अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। आगरा रीजन में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कच्ची शराब के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके चलते कच्ची का गंदा कारोबार बढ रहा है।
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