
अंबेडकर विवि के बीएड सत्र 2005 में शिवदान सिंह कॉलेज, इगलास अलीगढ के छात्र सुनील कुमार ने परीक्षा दी थी, 21 नवंबर 2006 को सुनील कुमार को बीएड की मार्कशीट दी गई, इसमें उनके 54 फीसद अंक थे। उनकी मार्कशीट चोरी हो गई, इसके बाद डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए आवेदन किया, विवि द्वारा दिसंबर 2012 में सुनील कुमार को डुप्लीकेट मार्कशीट दी, इसमें 84 फीसद अंक थे। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि पहले दी गई मार्कशीट और डुप्लीकेट मार्कशीट में अंतर है, इसमें से सही मार्कशीट के बारे में बताया जाए, जिससे कि नौकरी के लिए आवेदन किया जा सके। लेकिन विवि के अधिकारियों ने उनकी शिकायत को तवज्जो नहीं दी।
2013 में हाईकोर्ट में अपील और खुलता चला गया बीएड घोटाला
सुनील कुमार ने वर्ष 2013 में हाईकोर्ट में अपील की, इसके बाद जांच कराई गई, कोर्ट को भी लगा कि बीएड में बडे स्तर पर घोटाला हुआ है। इसके बाद 2014 में एसआईटी को जांच सौंपी गई, अब एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा है कि विवि की परीक्षा में 8126 छात्र शामिल हुए थे, जबकि 13500 छात्रों को मार्कशीट बांट दी गई। एसआईटी की सर्च में मिली फोइल और रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी से मिले डाटा से 5186 बीएड के फर्जी छात्र चिन्हित किए गए हैं, इन सभी की मार्कशीट निरस्त करते हुए बीएड के चार्टों का डीनोटिपिफकेशन करने के लिए कहा गया है।
सुनील कुमार की हुई जीत, पहली मार्कशीट ही सही
शुक्रवार को विवि में हुई परीक्षा समिति की बैठक में विवि के अधिकारियों ने एसआईटी द्वारा उपलब्ध कराए गए ब्योरा के बारे में जानकारी दी। इसमें बताया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद तैयार हुई फोइल के आधार पर सुनील कुमार बीएड में 54 फीसद अंक से उत्तीर्ण हैं, जबकि विवि के चार्ट में उनके 84 फीसद अंक है। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि सुनील कुमार की 54 फीसद वाली मार्कशीट सही है, 84 फीसद अंक वाली मार्कशीट को निरस्त किया जाता है।
5186 मार्कशीट होंगी निरस्त, कॉलेज संचालक भी फंसे
इस मामले में 11 अगस्त को एसआईटी हाईकोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश करेगी, इसके साथ ही 5186 मार्कशीट को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी, यह कार्य विवि की सभा के माध्यम से किया जाता है।
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