आगरालीक्स…. आगरा डवलपमेन्ट फाउन्डेशन (एडीएफ) के द्वारा आगरा के लिए 25 वर्षों के लिए माइक्रो विजन प्लॉन बनाने की मांग की है।

एडीएफ की ओर से सचिव केसी जैन द्वारा भेजे गये पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि आगरा के पर्यटन को बढ़ाने के लिए दीर्घ कालीन विजन प्लॉन बनना चाहिए जिसमें सभी स्टेक होल्डर्स से परामर्श लिया जाना चाहिए। आगरा में पर्यटन की असीम सम्भावनाऐं हैं। यहां न केवल दुनियां का अजूबा ताजमहल ही है बल्कि दो अन्य विश्वदाय स्मारक आगरा किला व फतेहपुर सीकरी भी हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में एएसआई के संरक्षित स्मारक भी हैं जिनमें सिकन्दरा, एत्माददौला, मरियम टॉम्ब, मेहताब बाग, चीनी का रोजा, रामबाग, जसवन्त सिंह की छतरी, फिरोज खान का मकबरा, बुढ़िया का ताल आदि हैं जहां जाने वाले पर्यटकों की संख्या नगण्य है।
सोफ्ट स्किल्स का हो प्रस्तुतीकरण।
आगरा पर्यटन के लिए जो विजन प्लॉन बनाया जाये उसमें प्रमुखतः सोफ्ट स्किल को पर्यटकों के समक्ष रखने की योजना हो। जरदोजी का कार्य कैसे होता है, पच्चीकारी क्या है, दरियां और कालीन कैसे बनते हैं और कांच के खिलौने व मूर्ति निर्माण कैसे होता है यह सब आगरा आने वाला पर्यटक स्वयं देखकर जान सके। संगीत, नृत्य भगत व नाटक भी आगरा के सांस्कृतिक जीवन की प्रस्तुतिकरण का माध्यम बने। ब्रज की संस्कृति को देखने का भी आगरा आईना बने। इन सबको प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय कलाकारों, शिल्पियों और मास्टर क्राफ्टमेन को आर्थिक सहयोग भी देने की योजना होनी चाहिए। कई स्थानों पर इन सबको प्रदर्शित करने के लिए ओपन एयर थियेटर्स व एमपी थियेटर बने।
पर्यटकों के 3 दिन ठहराव के लिए बनाऐं योजना
एक दिन के लिए सिमटा आगरा का पर्यटन कैसे कम से कम तीन दिन के लिए हो, इसका विजन बनाना होगा। कैसे 3 दिन पर्यटक व्यस्त रहेगा और क्या-क्या कौन-कौन से दिन देखेगा, इसकी योजना बननी चाहिए। आगरा रहकर ही उसे केवलादेव पक्षी विहार, मथुरा वृन्दावन, चम्बल सफारी, बटेश्वर और इटावा लायन सफारी से जोड़ना होगा।
पार्किंग व ट्रैफिक प्रबन्धन।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की दृष्टि से पर्यटकों के कितने वाहन आयेंगे उसकी दीर्घकालीन आवश्यकता को देखते हुए पार्किंग के मल्टी लेवल पार्किंग सभी पर्यटन स्थलों के समीप पर्याप्त होनी चाहिए। पर्यटक ट्रैफिक जाम का सामना न करे उसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबन्धन कैसे हो, यह भी आगरा के पर्यटन विजन प्लॉन का हिस्सा बनना चाहिए।
श्रेणीवार होटल के कमरों की आवश्यकता आंकलित हो।
जैसा इन्दिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट एरो सिटी बनी है, उसी तर्ज पर आगरा में भी नये सिविल एन्कलेव के निकट होटल हब बने। बढ़ते हुए पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पर्यटकों के लिए श्रेणीवार कमरों की आवश्यकता का आंकलन किया जाये और उनके निर्माण के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाये। युवाओं के ठहरने की अच्छी व सस्ती व्यवस्था कैसे हो इसको लेकर भी योजना बननी चाहिए। मध्यम वर्ग के पर्यटकों के लिए बेड एण्ड ब्रेकफास्ट की मजबूत योजना भी बने जो स्थानीय व्यक्तियों की आय का एक अलग से स्त्रोत बन सके।
हॉप एण्ड ऑन सिटी टुअर हो।
आगरा के पर्यटन विजन प्लॉन में विभिन्न ऐतिहासिक, प्राकृतिक आदि स्थलों को प्रभावी रूप से जोड़ने के लिए निजी क्षेत्र को हॉप एण्ड ऑन छोटी बस सर्विस की अनुमति दी जाये जिससे पर्यटक एक स्थल से दूसरे स्थल पर सुविधाजनक रूप से जा सकें।
मोबाईल एप बने।
तकनीकी के माध्यम से पर्यटकों को जोड़ने के लिए एक प्रभावशाली मोबाइल एप बने जो न केवल स्थलों को ही बताये बल्कि ऐतिहासिक स्थलों के लिए विभिन्न भाषाओं का ऑडियो गाईड का भी कार्य कर सके।
एडीएफ अध्यक्ष पूरन डाबर ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आगरा के पर्यटन का विजन प्लॉन पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए एक कारगर योजना के रूप में बन सकता है जिसके लिए कुछ सुझाव दिये गये हैं। सभी स्टेक होल्डर्स के साथ विचार मंथन के बाद इसका प्रारूप बनना चाहिए और सभी शासकीय विभागों को उसके कार्यान्वयन में अपना सहयोग देना होगा तभी आगरा बेस्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा। ऐसा विजन प्लॉन केवल कागजी ही नहीं रहना चाहिए।