आगरालीक्स ….सरकारी आंकड़ों से तीन गुना अधिक हैं एड्स रोगी, जो सामाजिक कारणों की वजह से अपनी पहचान को गोपनीय रखे हुए हैं और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। यह खुलासा प्रदेश भर में एड्स की दवाओं की बिक्री और सरकारी अस्पतालों में रजिस्टर्ड एड्स रोगियों की संख्या में प्राप्त अंतर से प्राप्त हुए हैं। भारत जैसी अधिक जनसंख्या वाले देश में जागरूकता क् अभाव में यह गोपनीयता खतरनाक साबित हो सकती है।
यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी राकेश अग्निहोत्रा ने आईएमए द्वारा विश्व एड्स दिवस पर आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम गोष्ठी में दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2016 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आगरा जिले में 2874 एड्स रोगी इलाज ले रहे हैं। हालांकि पिड़ित लोगों की संख्या इससे इससे कहीं अधिक है। क्योंकि सरकारी दस्तावेजों की तुलना में एड्स की दवाओं की बिक्री तीन गुना अधिक हो रही है। आईएमए, आगरा के अध्यक्ष डॉ आरएस कपूर ने कहा कि डॉक्टर का काम इलाज करना ही नहीं है। बीमारी की रोकथाम और लोगों को जागरूक करना भी है, यह काम आईएमए द्वारा किया जा रहा है। डॉ अरविंद यादव ने बताया कि एड्स

इस तरह फैलता है एचआईवी संक्रमण
असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से
संक्रमित व्यक्ति का खून स्वस्थ्य व्यक्ति में चढाने से
एचआईवी पॉजिटिव महिला से उसके बच्चों में
एड्स रोगियों के लिए काम रही संस्थाओं का किया सम्मान
आगरा। इस मौके पर एड्स पीड़ितों के लिए काम कर रही संस्थाओं के लोगों को सम्मानित किया गया। जन चेतना सेवा समिति के डॉ. वाईएस परमार व पॉजिटिव पीपुल वेलफेयर सोसायटी के महफूज खां को शॉप पहनाकर सम्मानित किया गया।
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