आगरालीक्स ….आगरा में इंजीनियरिंग छात्रों ने ऐसा जूता बनाया है जो गर्मी में 50 डिग्री तापमान में भी ठंडा रहेगा और, सर्दी में शून्य डिग्री तापमान में भी गर्म रहेगा। जानें इसके बारे में।

आगरा के आरबीएस इंजीनियरिंग कैंपस के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पांच छात्रों ने तापमान नियंत्रित करने वाला जूता तैयार किया है। गाइड इंजी. अतुल जैन के अनुसार अभिषेक तेनगुरिया, अभिषेक भारती, अरिजीत भदौरिया, बृजेश शर्मा तथा सुमित सोलंकी ने सेना के जवानों को देखते हुए तापमान नियंत्रित करने वाले जूते बनाए हैं, जो जवानों के पैरों में गर्मियों में ठंडा तथा सर्दियों में गर्म रखने की क्षमता रखते हैं। इसमें छात्रों ने एक कंट्रोलर लगाया है जिसके द्वारा व्यक्ति जूतों का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस तक परिवर्तित किया जा सकता है। छात्रों ने इस वर्ष पूर्व में कॉलेज के छात्रों द्वारा बनाए जूतों के डिजाइन में कई बदलाव व सुधार किए हैं छात्रों ने इन जूतों को सुगठित व हल्का बनाया है तथा इसमें प्रयुक्त सभी घटकों को जूतों के सोल में व्यवस्थित किया है। इस प्रकार सेना के जवान रेगिस्तान की झुलसती गर्मी में अपने पैरों को ठंडा भी रख सकते हैं तथा हिमालय की ऊंचाइयों पर इन जूतों का तापमान बढ़ाकर अपने पैरों को गर्म भी रख सकते हैं।
मैकेनिकल इंजीनियर के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि भारतीय सेना के जवान रेगिस्तान की 50 डिग्री सेल्सियस की झुलसती गर्मी तथा हिमालय के पहाड़ों पर शून्य से नीचे तापमान वाली जगहों पर तैनात रहते हैं। उनके पैरों को आराम पहुंचाने के लिए छात्रों ने ऐसे जूते बनाए हैं। जिन का तापमान जवान अपने अनुसार परिवर्तित कर सकते हैं। यह जूते एक बार चार्ज होने पर डेढ़ घंटे का बैकअप दे सकते हैं। इनमें उच्च क्षमता वाली बैटरी लगाकर इनका बैकअप 3.30 घंटे भी किया जा सकता है। इस जूते को बनाने में सीएफटीआई का विशेष सहयोग रहा। निदेशक प्रो. बीएस कुशवाह, प्रो. पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रोजेक्ट में इंजी. अनुराग कुलश्रेष्ठ, इंजी. अरुण सिंह तथा इंजी. राघवेंद्र सिंह का अहम योगदान रहा ।