आगरालीक्स…..हर मर्ज की दवा का इलाज करने वाले डौकी के हिस्टीशीटर बाबा मुंशीदास की हत्या। बाइक सवार युवकों ने उन्हें गोली मारी। आरोपी मरीज बनकर बाबा के पास पहुंचे । अस्पताल लाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिसफोर्स तैनात कर दिया गया है।
नरि गांव में हिस्ट्रीशीटर बाबा मुंशीदास का आश्रम है, वह किडनी के स्टोन का इलाज करता था. रविवार को दोपहर तीन बजे बाबा मुंशीदास टहल रहे थे, तीन युवक बाइक से पहुंचे। गेट पर बताया, मरीज हैं, बाबा से दवा लेने आए हैं। उन्हें देखकर बाबा बैठ गए। पूछा क्या परेशानी है, एक बोला, पथरी है किडनी में, दवाई चाहिए। वह आगे बढ़ा और बाबा के पैर छुए। बाबा ने आशीर्वाद दिया और नाम लिखवाने के लिए कहा। वह बोला, मैं राजू हूं, फिरोजाबाद से आया हूं। तभी उसके ठीक पीछे खड़े युवक ने अंटी से तमंचा निकाला। बाबा के ठीक सामने आया। सीने पर निशाना लगाया और ट्रिगर दबा दिया।
दो तमंचे लहरा रहे थे। आश्रम के गेट पर ही उनकी बाइक खड़ी थी, स्टार्ट किया और भाग निकले। गोली लगने से बाबा घायल होकर गिर पड़े। उनके मुंह से जोर की चीख निकली, बचाओ, जल्दी करो। पास ही बाबा का भतीजा हरिओम था। वह मरम्मत का काम करा रहा था। गोली की आवाज सुनकर ही बाबा की ओर दौड़ लिया था। उसने ही गाड़ी मंगाई। मजदूरों की मदद से बाबा को इसमें बिठाया।
उन्हें आगरा के शहीद नगर स्थित एक हॉस्टिपल में ले जाया गया। वहां आश्रम की भीड़ जमा हो गई। कुछ ही देर में बाबा मुंशीदास की मौत हो गई। पुलिस ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि हमलावरों ने जींस पहन रखी थी। बाबा को गोली मारने केबाद तीनों हमलावर बाइक से आगरा – लखनऊ एक्सप्रेस वे की ओर भागे एससपी डा. प्रीतिंदर सिंह और सीओ फतेहाबाद अशोक कुमार सिंह मौका मुआयना करने के लिए पहुंचे।बताया जाता है कि बाइक सवार युवक मरीज बनकर बाबा के पास पहुंचे जहां उन्होंने बाबा के गोली मार दी और वहां से भाग निकले। जब इसकी जानकारी बाबा के अनुयायियों को हुई तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायल बाबा को अस्पताल लाया जाता इससे पहले ही रास्ते में उनहोंने दम तोड़ दिया। बाबा के भक्तों की संख्या अधिक होने के कारण और उनके आपराधिक कारनामों को ध्यान में रखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
डेढ़ महीने पहले ही आए थे जेल से छूटकर
बाबा मुंशीदास पर यूं तो कई सारे आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन हाल ही में वह अपने एक साथी की हत्या के आरोप में जेल गए थे और करीब डेढ़ महीने पहले ही वह सजा काटकर यहां आए थे। बाबा पर शारीरिक शोषण, अवैध खनन, बिजली चोरी, मारपीट सहित करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। बाबा का आपराधिक इतिहास है लेकिन इसके बावजूद उसके अनुयायियों की संख्या भी बहुत अधिक है।
हर मर्ज के इलाज का दावा
बाबा मुंशीदास द्वारा हर मर्ज के इलाज का दावा किया जाता था। पुत्र या पुत्री होने से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज करने के कारण बाबा के अनुयायियों की संख्या भी काफी ज्यादा थी। बाबा का आश्रम गांव में काफी अंदर है और यह काफी एकड जमीन में बना हुआ है। बाबा के समर्थकों द्वारा एक बार पुलिसकर्मी के साथ भी मारपीट की गई थी।
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