आगरालीक्स ….आगरा में तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा पहुंचे, डीएम और एसएसपी ने उन्हें खेरिया एयरपोर्ट पर सम्मान के साथ रिसीव किया। वे आगरा से सडक मार्ग से मथुरा चले गए, वहां वे महावन के समीप उदासीन सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ एवं बाल कृष्ण की क्रीड़ास्थली रमणरेती स्थित कािर्ष्ण गुरु महामंडलेश्वर स्वामी गुरुशरणानंद महाराज के आश्रम में प्रवास करेंगे। दलाई लामा राष्ट्रीय अतिथि हैं, उनकी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आगरा से लेकर मथुरा तक दलाई लामा के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं थी।
सोमवार दोपहर में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा भोपाल से खेरिया हवाई अडडे पर पहुंचे, 82 वर्षीय दलाई लामा को डीएम गौरव दयाल और एसएसपी डॉ प्रीतिंदर सिंह ने हवाई अडडे पर रिसीव किया। यहां से वे मथुरा चले गए।
संतों को करेंगे संबोधित
दलाई लामा के साथ बौद्ध संतों का दल भी मथुरा पहुंच गया है, वहां मंगलवार यानी 21 मार्च को दलाई लामा सुबह 11 बजे आश्रम में संतों, बुद्धिजीवियों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित कर आशीर्वाद देंगे।
अध्यात्मिक गुरु है दलाई लामा
परम पावन चौदहवें दलाई लामा तेनज़िन ग्यात्सो 29 मई 2011 तक तिब्बत के राजकीय प्रमुख रहे और उपरोक्त तिथि पर उन्होंने अपनी सारी राजनीतिक शक्तियाँ तथा उत्तरदायित्व प्रजातांत्रिक तरीके से चुने हुए तिब्बती नेतृत्व को हस्तांतरित किये। अब वे केवल तिब्बत के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु हैं। उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को उत्तरी तिब्बत में आमदो के एक छोटे गाँव तकछेर में एक कृषक परिवार में हुआ था। दो वर्ष की आयु में ल्हामो दोंडुब नाम का वह बालक तेरहवें दलाई लामा थुबतेन ग्यात्सो के अवतार के रूप में पहचाना गया। ऐसा विश्वास है कि दलाई लामा अवलोकितेश्वर या चेनेरेज़िग का रूप हैं जो कि करुणा के बोधिसत्त्व तथा तिब्बत के संरक्षक संत हैं। बोधिसत्त्व प्रबुद्ध सत्त्व हैं जिन्होंने अपना निर्वाण स्थगित कर मानवता की सेवा के लिए पुनः जन्म लेने का निश्चय लिया है।
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