आगरालीक्स…. आगरा में एसओजी के सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी और पिस्टल लूट ले गए, बाइक सवार बदमाश सिपाही की हत्या कर फरार हो गए।
अजय यादव 2005 बैच के सिपाही थे। मूल रूप से मैनपुरी के किशनी के चांदा गांव के रहने वाले थे। उनके भाई दिनेश यादव भी सिपाही हैं। वह कन्नौज में तैनात हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह सेना में सूबेदार रहे थे। अजय यादव बुधवार रात करीब सात बजे थाना शमसाबाद से थोड़ी दूरी पर लगे मेले से वापस थाना आ रहे रहे थे। वह सिविल यूनिफार्म में थे। अजय यादव की बाइक पर पीछे एक युवक बैठा था। साथ चल रही अपाचे बाइक पर दो और युवक थे। चारों में बातें हो रही थीं। तभी कहासुनी होने लगी। चश्मदीद दुकानदार ने बताया कि चारों बाइक से उतर गए। एक युवक ने अजय के हाथ पकड़ लिए। दूसरे ने उन पर पिस्टल तान दी। अजय ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्होंने छोड़ा नहीं। एक और ने पकड़ लिया। सीने से सटाकर उन्हें गोली मार दी गई। दुकानदार से 7:20 बजे यूपी – 100 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक हमलावर भाग चुके थे। अजय को आगरा के जीजी नर्सिग होम लाया गया। यहां डाक्टरों ने मृत बताया। पुलिस ने बताया कि अजय साथ में पिस्टल रखते थे। यह नहीं मिली है। हमलावर इसे लूट ले गए । उसकी बाइक मौके पर मिली है।
अजय यादव एक साल पहले तक आगरा शहर के थानों में तैनात रहे। क्राइम ब्रांच में भी काम किया। कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में अहम रोल रहा। इसके लिए उन्हें एसएसपी ने पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया था।
सिपाहियों की बगावत
साथी की हत्या से भड़के दो सिपाहियों ने वारदात के लिए एक पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है, इससे खलबली मची हुई है। उन्होंने जीजी नर्सिंग होम पर रोते हुए चीख चीखकर कहा कि उन्हें लगातार बदमाश पकड़ने और वारदात खोलने का टारगेट दिया जा रहा था।
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