आगरालीक्स… आगरा के बडे चांदी कारोबारी की यमुना एक्सप्रेस वे पर बंधक बनाकर 198 किलो चांदी लूट ली थी, 198 किलो चांदी मिली, किसने लूट की, जानकर हैरान रह जाओगे
चांदी कारोबारी बसंत विहार, कमला नगर निवासी मनीष अग्रवाल शुक्रवार को एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे से मिले, उन्होंने बताया कि उनका कर्मचारी सौरभ ड्राइवर रामबाबू के साथ 13 जुलाई को माल लेकर घर से निकला था। सवा छह बजे तक कर्मचारी उनके संपर्क में था। उसने खंदौली टोल क्रास किया था। उसके बाद कर्मचारी से संपर्क टूट गया। देर रात कर्मचारी का फोन आया। बताया कि जेवर टोल क्रास करने के बाद वे लघुशंका को रुके थे। इसी बीच चार बदमाशों ने उन्हें कब्जे में ले लिया। गाड़ी में ही बंधक बना लिया। गाड़ी को ग्रेटर नोएडा की तरफ ले गए। आगे से यू टर्न ले लिया। गाड़ी अलीगढ़ की तरफ ले गए। करहल (मैनपुरी) में उन्हें फेंककर भाग गए। उन्होंने हाथ-पैर खोले। उसके बाद पुलिस से संपर्क किया। रात को ही घटना की जानकारी नोएडा पुलिस को दी गई। आगरा आकर न्यू आगरा थाने में मुकदमा लिखाने के लिए तहरीर दी गई। न्यू आगरा पुलिस ने यह कहकर मुकदमा नहीं लिखा कि घटना नोएडा की है। मुकदमा लिखाने के लिए वहां संपर्क करें। शुक्रवार को सराफा व्यापारी भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे के साथ पहले एडीजी अजय आनंद से मिले। उसके बाद एसएसपी दिनेश चंद दुबे के पास आए। एसएसपी ने व्यापारियों से कहा कि मुकदमा नोएडा में ही लिखा जाएगा। वह इसमें व्यापारियों की मदद करेंगे। उन्होंने पीड़ित व्यापारी के साथ अपनी एक टीम को नोएडा भेजा।
पूछताछ में खुला मामला, ड्राइवर ने लौटाई चांदी
पुलिस के शक के घेरे में कर्मचारी सौरभ और ड्राइवर रामबाबू थे। जेवर टोल पार करने के बाद जीरो प्वाइंट पर उन्होंने गाड़ी रोकी थी। लघुशंका के लिए गए। पांच मिनट बाद ही सौरभ ने फिर गाड़ी रुकवाई थी। इसी बीच बदमाश आ गए। बदमाशों ने दोनों को गाड़ी में बंधक बना लिया। एक्सप्रेस वे से वापस लौटे। दो टोल पार किए। तब भी कर्मचारियों ने शोर नहीं मचाया। उनके शरीर पर एक खरोंच तक नहीं है। सख्ती से पूछताछ में ड्राइवर ने मामला खोल दिया, उन्होंने चांदी लूट की झूठी बनाई थी, जेल जाने के डर से ड्राइवर ने 198 किलो चांदी वापस कर दी है।
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