आगरालीक्स …आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित सहित छह कुलपतियों की नियुक्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में कोर्ट ने याची को 21 जुलाई को प्रतिउत्तर देने का निर्देश दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रो नरसिंह की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि अंबेडकर विवि के कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित, लखनउ विवि के कुलपति डॉ एसपी सिंह, सिदृधार्थ नगर विवि के कुलपति डॉ रजनीकांत पांडेय को प्रोफेसर पद का अनुभव नहीं है, जबकि यूजीसी के मानकों के तहत कुलपति पद के लिए प्रोफेसर पद पर 10 साल का अनुभव होना चाहिए। साथ ही बरेली विवि के कुलपति प्रो अनिल शुक्ला, डॉ आरएमएल अवध विवि फैजाबाद के प्रो मनोज दीक्षित और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि के कुलपति प्रो राजाराम यादव का भी प्रोफेसर के पद पर 10 साल का अनुभव नहीं है।
शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल

याचिका में डॉ बीआरए विवि, आगरा के कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित की शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल उठाया गया है। इसमें कहा गया है कि डॉ अरविंद दीक्षित की नियुक्ति लेक्चरर के पद पर वीएसएसडी विवि कानपुर में हुई थी, वे कभी प्रोफेसर के पद पर नहीं रहे हैं। याचिका में उल्लेख किया गया है कि कुलपति शिक्षाविद होना चाहिए लेनिक डॉ अरविंद दीक्षित ने हाईस्कूल तीन साल में उत्तीर्ण किया था, बीएससी चार साल और एमएससी में एक पेपर में उनके शून्य अंक आए थे।
दिसंबर में डॉ अरविंद दीक्षित की हुई थी नियुक्ति
प्रो मोहम्मद मुजम्मिल का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉ अरविंद दीक्षित को अंबेडकर
विवि आगरा का कुलपति बनाया गया है, दिसंबर में उनकी नियुक्ति हुई थी।
18 दिन से बंद है विवि
विवि में कर्मचारी हडताल पर हैं, कुलपति के निर्देश पर तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, इसी बीच हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद मामला तूल पकड सकता है, कर्मचारियों के बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संचालकों ने भी कुलपति के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।