आगरालीक्स ….आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ सरोज सिंह को प्राचार्य के पद पर एक साल पूरा हो गया, इस दौरान एसएन चर्चा में रहा, बडी उपलब्धि हासिल हुई तो डॉक्टरों पर गंभीर आरोप भी लगे। इस सबके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं सुधारने में डॉ सरोज सिंह का अहम रोल रहा है, अभी कई चुनौतियां हैं। एक साल के कार्यकाल में डॉ सरोज सिंह विवादों में नहीं रहीं।
डॉ सरोज सिंह को 26 जुलाई 2016 को डॉ एसके गर्ग ने प्राचार्य का चार्ज सौंपा था, वे देश के पहले मेडिकल कॉलेजों में से एक एसएन की तीसरी महिला प्राचार्य हैं, इससे पहले वे एसएन के स्त्री रोग विभाग की एचओडी थी, उन्होंने 1974 में एसएन से एमबीबीएस किया है, वे एमबीबीएस में एसएन की टॉपर रही हैं। इसके बाद एमएस किया और एसएन में लेक्चरर के पद पर ज्वाइन किया। उनसे पहले डॉ वीएन लहरी, डॉ वीना मिश्रा एसएन की महिला प्राचार्य बन चुकी हैं।
समय से आने लगे डॉक्टर, मरीजों की बढ रही संख्या
डॉ सरोज सिंह के प्राचार्य पद पर ज्वाइन करने के बाद एसएन में डॉक्टरों की राजनीति शुरू हो गई, गुटबाजी के चलते अव्यवस्थाएं हुई लेकिन डॉ सरोज सिंह सुबह नौ से शाम पांच बजे तक एसएन की व्यवस्थाएं बेहतर करने में जुटी रहीं, इसका असर भी दिखाई देने लगा है। डॉक्टर समय पर पहुंचने लगे हैं, ओपीडी से लेकर वार्ड में मरीजों की संख्या बढ गई है, कई डॉक्टरों ने एसएन छोडने की चेतावनी दी लेकिन डॉ सरोज सिंह के प्राचार्य से उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। इस दौरान मरीजों के साथ मारपीट, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ श्वेतांक प्रकाश का आॅडियो, रैगिंग सहित कई मामले हुए लेकिन इन सभी मामलों में एक्शन लेने से स्थिति कंट्रोल में रही।
आठ मई को एसएन का सीएम योगी आदित्यनाथ ने दौरा किया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा विजिट को लेकर टिवीट किया है, इसके बाद से कमेंट आने लगे हैं। टिवीट में ताज यमुना कॉरीडोर, मलिन बस्ती उखर्रा, आगरा मंडल की काननू व्यवस्था और विकास कार्य की बैठक के साथ एसएन के ट्रॉमा सेंटर में मरीज को देखना और डॉक्टर से बात करते हुए के फोटो डाले हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ सुबह 10 45 पर पहुंच गए थे, वे सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज। यहां 14 मरीजों से 18 मिनट में बात की, प्राचार्य डॉ सरोज सिंह से उनकी बीमारी और अस्पताल की व्यवस्था के बारे में जाना।